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बेहद भयानक था वो मंजर...नक्सली हमले में बचे पत्रकार ने बताई पूरी कहानी

Wed, 31 Oct 2018 10:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Wed, 31 Oct 2018 10:16 AM IST
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Totally horror, survivor told the whole story of maoist attack in Chhattisgarh
पत्रकारों की टीम पर नक्सली हमला - फोटो : PTI

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मंगलवार को नक्सलियों ने दूरदर्शन की टीम पर हमला कर दिया था। इस हमले में एक पत्रकार और दो सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य सुरक्षा कर्मी घायल हुए। इस नक्सली हमले को अपनी आंखों से देखने वाले दूरदर्शन के पत्रकार धीरज कुमार (31) का कहना है कि हम एक रोमांचक असाइमेंट करने गए थे जो डरावनी कहानी में बदल गया। कुमार का कहना है, 'हमने निलवाया में बने नए मतदान केंद्र की कवरेज की योजना बनाई थी, जहां लोगों ने 1998 के बाद से मतदान नहीं किया है।'


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छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों की खबर कवर करने गई दूरदर्शन की तीन सदस्यीय टीम में धीरज कुमार, मोरमुक्त शर्मा और अच्युतानंद साहू थे। जिनमें से अच्युतानंद की नक्सलियों ने हत्या कर दी।

बिहार के रहने वाले कुमार अपनी टीम के साथ सीआरपीएफ कैंप से 5 किमी की दूरी पर स्थित निलवाया गए थे। जहां उनपर हमला हुआ। साहू के अलावा सब इंस्पेक्टर रूद्र प्रताप और असिसटेंट सब इंस्पेक्टर मंगलू की एंबुश में सुबह 11.20 पर नक्सलियों ने हत्या कर दी। ये टीम सुरक्षा कर्मियों के साथ थी। जो मोटरसाइकिल पर सवार थे। अक्सर नक्सली वैन और गाड़ियों को उड़ा देते हैं। लेकिन मोटरसाइकिल को नुकसान पहुंचाना उनके लिए कठिन होता है।

कुमार ने बताया, 'सुबह 10.25 पर मैंने देखा कि हमारे समूह में सबसे आगे जो मोटरसाइकिल थी वह गिर गई। मेरे कैमरामैन जो पहली मोटरसाइकिल के ठीक पीछे थे उनपर बुलेट से हमला हुआ। वह मेरी आंखों के सामने गिर गए। हमारी मोटरसाइकिल ने भी अपना नियंत्रण खो दिया। किस्मत से मैं एक गड्ढे में गिर गया और नीचे की ओर चला गया।'

कुमार ने आगे बताया, 'अगले 45 मिनट पूरी तरह खौफ से भरे थे। मैं गड्ढे में लेट गया और मुझे बुलेट की आवाजें सुनाई दे रही थीं। मैंने महसूस किया कि मेरे सिर के ऊपर से करीब 50 बुलेट गुजरी होंगी।'

पत्रकार ने कहा कि सामेली जाने से पहले उन्होंने दंतेवाड़ा के पुलिस सुप्रीटेंडेंट अभिषेक पल्लव को सूचित किया था। पल्लव ने सिर हिलाते हुए आश्वासन दिया कि सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पल्लव वहां घटना होने के बाद पहुंचे। स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (नक्सल ऑपरेशन) डीएम अवस्थी ने बताया, 'घायलों को इलाज के लिए दंतेवाड़ा ले जाया गया है। बाकी चीजों की जांच की जा रही है।'

उन्होंने बताया कि नक्सली बड़ी संख्या में गोलीबारी कर रहे थे और हथगोला भी फेंक रहे थे। इस दौरान चार पांच हथगोला भी फटा। इधर से पुलिस के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। 

उन्होंने बताया कि लगभग 45 मिनट तक गोली चलने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव अतिरिक्त बल लेकर वहां पहुंचे और लगातार कार्रवाई करते रहे। पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए नक्सली वहां से फरार हो गए और उनकी जान बच सकी।

उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी घटना है जिसे जीवन में कभी नहीं भूल पाएंगे। अपने साथी के बिछड़ने का गम जिंदगी भर रहेगा। यह उम्र भर डराता रहेगा। यह हमारा दूसरा जन्म है।

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