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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Three years imprisonment to accused who committed a scam of Rs 73 lakh in paddy purchase in Sakti

Sakti: धान खरीदी में 73 लाख का घोटाला करने वाले आरोपी को तीन साल का कारावास, कोर्ट ने दो को किया दोषमुक्त

Sat, 16 Mar 2024 02:57 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती
अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 16 Mar 2024 02:57 PM IST
सार

सक्ती जिले में धान खरीदी में 73 लाख का घोटाला मामले में कोर्ट ने कडारी केंद्र प्रभारी को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सक्ती न्यायालय की मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट गंगा पटेल ने सजा सुनाई है।

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Three years imprisonment to accused who committed a scam of Rs 73 lakh in paddy purchase in Sakti
आरोपी अशोक सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सक्ती जिले में धान खरीदी में 73 लाख का घोटाला मामले में कोर्ट ने कडारी केंद्र प्रभारी को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सक्ती न्यायालय की मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट गंगा पटेल ने सजा सुनाई है। बता दें कि 10 साल बाद कोर्ट का यह फैसला आया है, जिसमे कोर्ट ने तत्कालीन खरीदी केंद्र प्रभारी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।

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सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अरविन्द कुमार जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2013-14 में कलेक्टर जिला जांजगीर चांपा के आदेश पर पी.के पाण्डेय, खाद्य अधिकारी, के.के शर्मा नायब तहसीलदार चांपा, जी.आर भतरा सहकारिता अधिकारी, एस.पी.सोनी संग्रहण केन्द्र प्रभारी एवं गिरधारी लाल राठौर को मिलाकर संयुक्त जांच दल का गठन कर विभिन्न धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण किया गया था।

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इसी क्रम में 18 फरवरी 2014 को सेवा सहकारी समिति कडारी के अधीनस्थ धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण कर जांच किया गया। जिसमें तत्कालीन प्रभारी समिति अशोक सिंह ठाकुर के द्वारा धान खरीदी से संबंधित दस्तावेज को जांच दल के सामने पेश किया गया। जिसमें भौतिक सत्यापन करने पर लगभग 4495.78 क्विंटल धान, अनुमानित कीमत 73 लाख रुपए का धान कम होना पाया गया।

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जिसके बाद जांच दल ने एसडीएम चांपा के माध्यम से कलेक्टर जिला जांजगीर चांपा को रिपोर्ट प्रेषित किया और मामले की शिकायत बाराद्वार थाना बाराद्वार में की। जिस पर थाना बाराद्वार के द्वारा धारा 409, 34 भा.द.वि. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना किया गया था। मामले में विवेचना दौरान नारायण गबेल और किशोर सिंह की संलिप्तता पाए जाने पर थाना बाराद्वार द्वारा दोनों को भी आरोपी बनाया गया था।

 

प्रकरण में विवेचना उपरांत आरोपी अशोक सिंह, नारायण गबेल और किशोर सिंह के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। मामले की सुनवाई गंगा पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सक्ती के समक्ष हुई थी। जिसमें न्यायालय द्वारा आरोपी अशोक सिंह को दोष सिद्ध पाते हुए 3 साल की सजा और 5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है। जबकि अन्य 2 अभियुक्त को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया है।

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