फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Teacher convicted of sexually assaulting nine girl students sentenced to six years in prison

बलौदाबाजार: नौ छात्राओं के यौन उत्पीड़न के दोषी शिक्षक को छह साल की सजा

Sun, 01 Nov 2026 08:09 AM IST
अमन कोशले न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलौदाबाजार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलौदाबाजार Published by: अमन कोशले Updated Sun, 01 Nov 2026 08:09 AM IST
सार

नौ नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने प्रभारी प्राचार्य को दोषी ठहराया है। अदालत ने शिक्षक को छह साल के सश्रम कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई।

विज्ञापन
Teacher convicted of sexually assaulting nine girl students sentenced to six years in prison
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलौदाबाजार जिले में शिक्षक और छात्र के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल में पढ़ने वाली नौ नाबालिग छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न करने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी प्रभारी प्राचार्य को दोषी करार देते हुए छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी शिक्षक पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन


पॉक्सो अदालत ने सुनाया फैसला
यह पूरा मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो गिर्जेश प्रताप सिंह की अदालत में विचाराधीन था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था और जांच पूरी करके न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया था। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शिक्षक को नौ नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न का दोषी पाया और उसे छह वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन


नाबालिग छात्राओं से दुर्व्यवहार का मामला
आरोपी शिक्षक स्कूल में प्रभारी प्राचार्य के पद पर पदस्थ था। उस पर स्कूल परिसर में अध्ययनरत नौ नाबालिग छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगे थे। शिक्षक की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करके उन्हें शिक्षा देना और उनका उचित मार्गदर्शन करना होता है। हालांकि, आरोपी पर इसी भरोसे का गलत फायदा उठाने का आरोप सिद्ध हुआ। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए मामले में वैधानिक कार्रवाई की थी। पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था की गई है। न्यायालय का यह फैसला नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों की अति-गंभीरता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed