{"_id":"6651dcf63397122d1809243c","slug":"shivratan-sharma-allegations-congressmen-came-out-in-support-of-naxalites-on-anniversary-of-jhiram-incident-2024-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"'झीरम कांड की बरसी पर नक्सलियों के समर्थन में उतरे कांग्रेसी': नक्सलवाद का खात्मा नहीं चाहती कांग्रेस- बीजेपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'झीरम कांड की बरसी पर नक्सलियों के समर्थन में उतरे कांग्रेसी': नक्सलवाद का खात्मा नहीं चाहती कांग्रेस- बीजेपी
Sat, 25 May 2024 06:13 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 25 May 2024 06:13 PM IST
सार
शिवरतन शर्मा ने आरोप लगते हुए कहा कि आज झीरम कांड की बरसी है। आज के ही दिन कांग्रेस से जुड़े प्रदेश के अनेक नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। उसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष प्रेसवार्ता लेकर नक्सलियों के समर्थन से संबंधित बयान जारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर झीरम कांड का मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पुलिस नक्सल मुठभेड़ मामले में प्रेसवार्ता को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि आज झीरम कांड की बरसी है। आज के ही दिन कांग्रेस से जुड़े प्रदेश के अनेक नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। उसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष प्रेसवार्ता लेकर नक्सलियों के समर्थन से संबंधित बयान जारी कर रहे हैं। यह अफसोसजनक बात है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस यह साफ करें कि वह छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का खात्मा चाहती है या नहीं?
विज्ञापन
शर्मा ने कहा कि अभी छत्तीसगढ़ सबसे बड़ी लड़ाई नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहा है। सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता भी मिल रही है। उन्होंने दावा करते ही कहा कि डेढ़ माह में 112 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, सैकड़ों गिरफ़्तार हुए हैं, बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं। आज भी 35 नक्सली के आत्मसमर्पण किए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जवानों पर विश्वास नहीं कर कांग्रेस मुठभेड़ की जांच के लिए टीम बना रही है। नक्सलियों के समर्थन में तरह-तरह के बयान दे रही है। इससे जवानों का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ऐसे आचरण की जितनी निंदा की जाय, कम है। बस्तर संभाग में पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ को कांग्रेस फर्जी बता रहे हैं। शर्मा ने कहा कि बैज यह बात गांठ बांध लें कि दो साल के अंदर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी शासन ने बाकायदा मेल आईडी और गूगल फॉर्म जारी करके नक्सलियों से पूछा है कि वह पुनर्वास नीति में क्या चाहते हैं? लेकिन यह भी स्पष्ट है कि जो बंदूक की भाषा बोलेंगे उनसे संघर्ष तो करना पड़ेगा।
विज्ञापन
शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस आज कहां से संचालित है, किसके पक्ष में काम कर रही है, यह समझना अब कठिन नहीं है। यहाँ तक कि नक्सली नेता पत्र लिखकर कांग्रेस नेताओं के बयानों को सही बता रहे हैं। भाजपा ने अभी तक नक्सल हमले में सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को खोया है। उन्होंने कहा की जहां पर मुठभेड़ हुई, वहां तेंदूपत्ता तुड़ाई का काम होता ही नहीं है। तेंदूपत्ता तुड़ाई वहां स्थानीय लोग करते हैं, जबकि नक्सली बीस किलोमीटर दूर से आए हुए थे। मुठभेड़ के बाद कुल 14 नक्सली गिरफ़्तार भी किए गए, जिन पर कुल 41 लाख का इनाम था। अगर मारना ही होता, तो गिरफ़्तार क्यों करते?
उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि जब-जब नक्सल समस्या के समूल समाधान की बात आती है, तब-तब कांग्रेस उनके पक्ष में ढाल बनकर खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह कह दिया था कि झीराम हमले नक्सलियों ने किया ही नहीं था। ऐसा कहकर राहुल गांधी ने माओवादियों को साफ़-साफ़ क्लीन चिट दे दी थी। उन्होंने भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि झीरम के साक्ष्य अपने जेब में होने की डींगें हांकने वाले भूपेश बघेल मुख्यमंत्री रहते हुए भी उसे जेब से नहीं निकाल पाए, इससे बड़ा उदाहारण और क्या हो सकता है कि किस तरह इनकी सहानुभूति नक्सलियों के साथ है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भाजपा की स्पष्ट नीति है चाहे बोली से हो या गोली से, वार्ता से हो या कारवाई से, हम छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शर्मा ने कहा कि नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ ही झीरम के बलिदानियों समेत इस नक्सल हमले में दिवंगत हुए हमारे कार्यकर्ताओं और शहीद हुए सुरक्षा बलों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।