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Sawan Somwar 2024: सावन में लगता है कांवड़ियों का तांता, अद्भुत है महिमा, इस वजह से कहलाये नीलकंठेश्वर महादेव

Mon, 19 Aug 2024 01:45 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Mon, 19 Aug 2024 01:45 PM IST
सार

Sawan Somwar 2024; Neelkantheshwar Mahadev temple Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मठपारा में महादेव की 15 फीट ऊंची नीले रंग की प्रतिमा आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। 

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Sawan Somwar 2024: Neelkantheshwar Mahadev temple story raipur cg, know this name
नीलकंठेश्वर महादेव रायपुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Sawan Somwar 2024; Neelkantheshwar Mahadev temple Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मठपारा में महादेव की 15 फीट ऊंची नीले रंग की प्रतिमा आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इस वजह से उन्हें नीलकंठेश्वर महादेव के नाम से पुकारा जाता है। शुरुआत में यह प्रतिमा खुले आसमान के तले विराजित थी। अब प्रतिमा के ऊपर टीन का शेड लगा दिया गया है, जिससे बरसात में प्रतिमा को कोई क्षति न पहुंचे। सावन में यहां कावड़ियों का तांता लगता है। हजारों की संख्या में कांवड़िया घर, नदी और तालाब से जल लाकर नीलकंठेश्वर महादेव का जलाभिषेक करते हैं। पूरा परिसर हर-हर महादेव की जयकारों से गूंज उठता है। 

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नीलकंठेश्वर महादेव की महिमा अद्भुत है। बताया जाता है कि यहां जो कोई भी शिवभक्त और श्रद्दालु आता है, बाबा भोलेनाथ उसे खाली हाथ नहीं जाने देते हैं। केवल 12 साल में ही मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल चुकी है। मंदिर के दोनों ओर विशाल तालाब स्थित हैं। पहले यह इलाका काफी वीरान हुआ करता था। घना जंगल था। शिव प्रतिमा बनने के बाद अब यह पर्यटन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। भोलेनाथ की ऊंची प्रतिमा के सामने नंदी की प्रतिमा भी आकर्षण का मुख्य केंद्र है।
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यहां हर सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिमा के नीचे नर्मदेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। महाशिवरात्रि पर विशेष श्रृंगार किया जाता है। हर सोमवार को आरती के बाद भजन-कीर्तन होता है। 




जानें, मंदिर की खासियत
15 साल पहले मठपारा बस्ती के सामने गणेश पर्व पर हर साल गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती थी। उस दौरान गणेश समिति के सदस्यों ने खुले इलाके में सबसे ऊंची भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा बनवाई। कलाकार कृष्णा मूर्ति ने रेत, गिट्टी, सीमेंट से प्रतिमा का निर्माण करवाया।



आगे चलकर मंदिर प्रसिद्ध हो गया और महाशिवरात्रि में शिव विवाह का आयोजन और सावन के महीने में कांवरियों की टोली उमड़ती है। इस मंदिर के आस-पास बेहद सुंदर बगीचा भी है। पास में ही बजरंग बली की विशाल प्रतिमा भी श्रद्दालुओं का मन मोह लेती है। 



ऐसे पहुंचे मंदिर
ऐतिहासिक दूधाधारी मठ से कुछ ही दूरी पर और श्रीदूधाधारी अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव के सामने स्थित नीलकंठेश्वर महादेव की 15 फीट ऊंची प्रतिमा श्रद्धालुओं को बरबस ही आकर्षित करती है। रिंग रोड नंबर एक से होकर अंतरराज्यीय बस स्टैंड से महज पांच मिनट में पहुंचा जा सकता है। इसके साथ ही कालीबाड़ी से टिकरापारा और सिद्धार्थ चौक होते हुए भी मंदिर पहुंच सकते हैं। 





 

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