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CG News: सरकारी कर्मचारियों को राहत, अब ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने की जरूरत नहीं, घर बैठे मिलेगा अल्पावधि ऋण
Thu, 09 Jul 2026 12:28 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:28 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में योजना का शुभारंभ किया और इसका ब्रोशर भी जारी किया।
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शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में योजना का शुभारंभ किया और इसका ब्रोशर भी जारी किया। सरकार का कहना है कि इस योजना से कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के समय निजी साहूकारों या अधिक ब्याज वाले ऋण पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय कर्मचारी राज्य की विकास प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर ही वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे पात्र कर्मचारी बिना जटिल कागजी प्रक्रिया के डिजिटल माध्यम से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि योजना को ई-कोष प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी होगी। इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए पहले कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की गई थी और अब यह नई योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पायलट चरण के दौरान दो महीने में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता पूरी होगी और जरूरत के समय उन्हें सम्मानजनक एवं त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल सत्यापन और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृति और राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है, जिसमें डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय कर्मचारी राज्य की विकास प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर ही वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे पात्र कर्मचारी बिना जटिल कागजी प्रक्रिया के डिजिटल माध्यम से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
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उन्होंने बताया कि योजना को ई-कोष प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी होगी। इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए पहले कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की गई थी और अब यह नई योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पायलट चरण के दौरान दो महीने में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता पूरी होगी और जरूरत के समय उन्हें सम्मानजनक एवं त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल सत्यापन और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृति और राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है, जिसमें डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।