सत्ता का संग्राम: 'बेरोजगारी भत्ते की जगह रोजगार जरूरी', जानिए इस बार के चुनाव में क्या बदलाव चाहते हैं युवा
युवाओं ने कहा कि इस बार का चुनाव स्वास्थ्य, कृषि समेत कई मुद्दों को लेकर लड़ा जा रहा है। पिछले बार के चुनाव की तरह इस बार के चुनाव में भी खेती किसानी पर जोर दिया गया है। विकास कार्य पर जोर दिया गया है।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी जोरों पर है। हर तरफ चुनावी माहौल है। गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों पर सियासत की बातें हो रही हैं। ऐसे में अमर उजाला ने 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम के तहत रायपुर के युवाओं से खास बातचीत की। इस दौरान युवाओं ने कहा कि इस बार का चुनाव स्वास्थ्य, कृषि समेत कई मुद्दों को लेकर लड़ा जा रहा है। पिछले बार के चुनाव की तरह इस बार के चुनाव में भी खेती किसानी पर जोर दिया गया है। विकास कार्य पर जोर दिया गया है।
18 साल पूरे होने पर पहली बार मतदान करने के लिए उत्साहित युवतियों ने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी बने, लेकिन वह देश के लिए काम करे। सैनिकों और पुलिस जवानों के लिए काम करें। देश की तरक्की के लिए कार्य करें। सरकार युवाओं की भर्ती करें। राजनीतिक पार्टियां जो भी वादे किए हैं, उसे निभाएं। मेडिकल के क्षेत्र में भी भर्ती हो, तो बेहतर होगा। हर महीने ढाई हजार रुपये बेरोजगारी भत्ते को लेकर कहा कि यदि सरकार ढाई हजार की जगह उन्हें रोजगार दे तो युवाओं को करियर बन जाएगा। मनेंद्रगढ़ की रहने वाली युवती ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना किया जाए। वर्तमान विधायक विनय जायसवाल ने कहा था युवावों के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज बनेगा पर शहर में आज तक नहीं बना। युवाओं को रोजगार की ज्यादा जरूरत है, उन्हें रोजगार दिया। कुछ युवाओं ने भूपेश सरकार की नीतियों को लेकर उन पर दोबारा भरोसा जताया।
युवाओं ने भाजपा के संकल्प पत्र समेत कई मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दिया है। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में सभी वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए में किए जाने के ऐलान से खेती किसानी में आसानी होगी। कृषकों के जीवन स्तर में बदलाव आयेगा।
युवाओं ने कहा कि शादीशुदा महिलाओं को सलाना 12 हजार रुपए और 1 लाख पदों पर भर्ती करने से बेरोजगारी दूर होगी। वहीं पीएम मोदी के प्रशंसक कई युवाओं ने कहा कि उन्हें मोदी के कार्य अच्छे लगते हैं। इस वजह से वो उन्हें पसंद करते हैं। प्रदेश में एम्स की तर्ज पर सिम्स और सीआईटी की स्थापना होने से मेडिकल क्षेत्र में विकास होगा। गरीबों को सस्ते दर पर इलाज मिल सकेगा। कुछ युवाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरे नहीं किए, शराबबंदी का वादा अधूरा है।