फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Raigarh News ›   villagers drive away revenue team in protest against SECL coal block in chhattisgarh Raigarh

SECL कोल ब्लॉक का विरोध: सर्वे के लिए गई राजस्व टीम को ग्रामीणों ने भगाया, बोले- ग्राम सभा ने नहीं दी अनुमति

Thu, 20 Apr 2023 08:47 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़ Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 20 Apr 2023 08:47 PM IST
सार

ग्रामीणों का कहना है कि, 5वीं अनुसूची वाले क्षेत्र में ग्राम सभा से अनुमति अनिवार्य है, लेकिन यहां पूर्व में अनुमति नहीं ली गई है। पूर्व में ग्राम सभा ने इसके विरोध में प्रस्ताव पास कर स्थानीय प्रशासन से लेकर राज्यपाल तक को भेजा है। इसके बाद भी एसीसीएलन के पक्ष में कार्रवाई आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। 

विज्ञापन
villagers drive away revenue team in protest against SECL coal block in chhattisgarh Raigarh
कोल ब्लॉक के सर्वे के लिए पहुंची राजस्व टीम को ग्रामीणों ने भगाया। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गुरुवार को एसईसीएल को तमनार क्षेत्र में आवंटित कोल ब्लॉक के सर्वे के लिए पहुंची राजस्व टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने गांव में घुसने से पहले ही टीम को दौड़ा लिया। इसके चलते टीम प्रवेश द्वार से ही वापस लौट गई। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव पांचवीं अनुसूची में हैं। ग्राम सभा ने पहले ही कोल ब्लॉक की अनुमति नहीं दी है, फिर सर्वेक्षण का काम कैसे किया जा सकता है। वहीं राजस्व विभाग का कहना है कि भू अर्जन पहले ही हो चुका है। 

विज्ञापन


गारे पेलमा सेक्टर-1 में 2010 से एसईसीएल की कोल ब्लॉक की डींगे है। इससे लालपुर उरवा, पेलमा, सक्ता, जरहीडीह सहित 14 गांव प्रभावित है। प्रभावित गांव के लोग तब से ही कोल ब्लॉक का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए कोयला सत्याग्रह भी चलाया जा रहा है। इसी बीच गुरुवार को एसडीएम के आदेश पर राजस्व विभाग का अमला नायाब तहसीलदार के नेतृत्व में 8-10 पटवारी व आरआई की टीम गांव में परिसमत्तियो के मूल्यांकन के लिए पहुंची। राजस्व अमला के आने की खबर मिली तो ग्रामीण एकत्रित हो गए। 
विज्ञापन


लालपुर गांव के प्रवेश द्वार पर ही राजस्व की टीम को ग्रामीणों ने रोक लिया। नायाब तहसीदार ने ग्रामीणों को बताया कि परिसमत्तियो का मूल्यांकन करना है तो ग्रामीणों ने सवाल किया कि यह क्षेत्र 5वीं अनुसूची में है। ऐसे में किसकी अनुमति से आए हैं। इस पर राजस्व टीम और ग्रामीणों के बीच काफी बहस हुई। राजस्व टीम का कहना है साल 2010 में भू अर्जन हो चुका है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि धारा 4 के प्रकाशन के बाद आगे कुछ नहीं हुआ। तहसीलदार के आदेश में लिखा है कि भू-अर्जन पूर्व में हो चुका है तो फिर परिसमत्तियो का मूल्यांकन कैसे, वह तो पहले होना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अडानी से किया है समझौता 
कुछ दिन पहले ही  एसईसीएल कोयला खनन का समझौता अदानी से 22 सालों के लिए किया  है। जिसके विरोध में 20 फरवरी 2023 से पेलमा गांव से तीन दिवसीय पदयात्रा निकाली गई। विरोध के बाद कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, हाईकोर्ट  के चीफ जस्टिस, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसे लेकर उनमें आक्रोश है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed