{"_id":"683965c877f375188d07b831","slug":"prsu-registrar-shailendra-patel-removed-high-court-declared-the-appointment-illegal-in-raipur-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raipur News: पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल हटाए गए, हाइकोर्ट ने नियुक्ति को बताया अवैध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raipur News: पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल हटाए गए, हाइकोर्ट ने नियुक्ति को बताया अवैध
Fri, 30 May 2025 01:32 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 30 May 2025 01:32 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल को हटा दिया गया है। कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल की नियुक्ति को हाईकोर्ट ने अवैध ठहराया है। राहुल गिरी गोस्वामी ने वर्ष 2022 में याचिका दायर किया था।
विज्ञापन
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल को हटा दिया गया है। कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल की नियुक्ति को हाईकोर्ट ने अवैध ठहराया है। राहुल गिरी गोस्वामी ने वर्ष 2022 में याचिका दायर किया था। याचिकाकर्ता ने न सिर्फ पटेल की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, बल्कि उनकी योग्यता को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।
इस पर अदालत ने फैसला सुनाया कि शैलेन्द्र पटेल कुलसचिव पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक और प्रशासनिक योग्यता को पूरा नहीं करते, इसलिए उनकी नियुक्ति नियमों के विरुद्ध है। इस मामले की अंतिम सुनवाई छह मार्च 2025 को हुई थी, जिसके बाद निर्णय को सुरक्षित रखा गया था। अब अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए शैलेन्द्र पटेल की याचिका खारिज कर दी है और उनकी नियुक्ति को पूरी तरह अवैध करार दिया है।
विज्ञापन
इस पर अदालत ने फैसला सुनाया कि शैलेन्द्र पटेल कुलसचिव पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक और प्रशासनिक योग्यता को पूरा नहीं करते, इसलिए उनकी नियुक्ति नियमों के विरुद्ध है। इस मामले की अंतिम सुनवाई छह मार्च 2025 को हुई थी, जिसके बाद निर्णय को सुरक्षित रखा गया था। अब अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए शैलेन्द्र पटेल की याचिका खारिज कर दी है और उनकी नियुक्ति को पूरी तरह अवैध करार दिया है।
विज्ञापन