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Korba : घूसखोर जेल प्रहरी को चार साल की सजा, कैदी को अच्छी सुविधा देने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपये
Fri, 04 Nov 2022 07:11 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Fri, 04 Nov 2022 07:11 PM IST
सार
सहायक लोक अभियोजक रोहित राजवाड़े ने बताया कि धीरेंद्र परिहार ने शंकर रजक को जेल में सुविधा देने के नाम पर उसकी पत्नी से 50 हजार मांगे थे। इसमें 10 हजार रुपये लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा था। कोर्ट ने उसे चार साल की सजा सुनाई है।
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घूस लेते पकड़े गए जेल प्रहरी को चार साल कैद।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा की उपजेल में बंद एक कैदी को अच्छी सुविधा देना प्रहरी पर भारी पड़ गया। इस मामले में कोर्ट ने प्रहरी को चार साल की सजा सुनाई है। सुविधा के बदले प्रहरी ने कैदी के परिजनों से 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी और 10 हजार रुपये ले भी लिए थे। मामले की शिकायत होने पर स्पेशल एंटी करप्शन सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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जानकारी के मुताबिक, कोरबा जिले के उपजेल कटघोरा में धीरेंद्र परिहार प्रहरी के रूप में पदस्थ था। उस जेल में शंकरलाल रजक एक धोखाधड़ी के मामले में बंद था। प्रहरी रहे धीरेंद्र ने कैदी शंकर लाल को जेल में सुविधा देने और परेशान नहीं करने की एवज में परिजनों से 50 हजार रुपयों की मांग की। इस पर परिजनों ने इसकी शिकायत ACB से कर दी।
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ACB ने ट्रैप का आयोजन किया और रिश्वत की पहली किश्त 10 हजार रुपये लेते हुए प्रहरी धीरेंद्र को पकड़ लिया। सहायक लोक अभियोजक रोहित राजवाड़े ने बताया कि धीरेंद्र परिहार ने शंकर रजक को जेल में सुविधा देने के नाम पर उसकी पत्नी से 50 हजार मांगे थे। इसमें 10 हजार रुपये लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा था।
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