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छत्तीसगढ़: बस्तर दशहरा में शामिल होने 23 अक्तूबर को जगदलपुर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Fri, 16 Oct 2026 02:54 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:54 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्तूबर को जगदलपुर के प्रवास पर आ रही हैं। बस्तर प्रवास के दौरान वह बस्तर दशहरा के अंतर्गत होने वाले ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। यहां वह मांझी-चालकी समुदाय के लोगों से विशेष रूप से मुलाकात करेंगी।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्तूबर को जगदलपुर के प्रवास पर आ रही हैं। बस्तर प्रवास के दौरान वह बस्तर दशहरा के अंतर्गत होने वाले ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। यहां वह मांझी-चालकी समुदाय के लोगों से विशेष रूप से मुलाकात करेंगी। इसके बाद राष्ट्रपति लालबाग मैदान में विशाल आम सभा को संबोधित करेंगी। बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को औपचारिक न्योता दिया था। राष्ट्रपति ने इस न्योते को स्वीकार किया और अब वह 23 अक्तूबर को जगदलपुर आ रही हैं।
तैयारियों को लेकर प्रशासनिक समीक्षा
राष्ट्रपति के प्रवास को लेकर कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी जरूरी इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश दिए।
लालबाग मैदान की व्यवस्थाओं का जायजा
समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने लालबाग मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों ने मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, अतिविशिष्ट व्यक्तियों और आम लोगों के आने-जाने के अलग-अलग रास्ते, पेयजल आपूर्ति, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तथा वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को देखा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले आम लोगों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया।
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मुरिया दरबार की ऐतिहासिक परंपरा
पहले बस्तर रियासत के राजा दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुना करते थे। गांवों के मांझी और मुखिया अपने क्षेत्र की शिकायतें तथा जरूरतें राजा तक पहुंचाते थे। यह दरबार बस्तर दशहरा का एक बेहद अहम हिस्सा है। निर्विघ्न रूप से दशहरा पूरा होने के बाद राजा मुरिया दरबार लगाकर जनसमस्याएं सुनते थे। लेकिन देश में राजशाही व्यवस्था खत्म होने और लोकतांत्रिक व्यवस्था शुरू होने के बाद अब इस दरबार में प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्षेत्र की समस्याओं, मांगों और दूसरे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होती है। हालांकि, इस दौरान राज परिवार के सदस्य भी इसमें मौजूद रहते हैं।
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तैयारियों को लेकर प्रशासनिक समीक्षा
राष्ट्रपति के प्रवास को लेकर कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी जरूरी इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश दिए।
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लालबाग मैदान की व्यवस्थाओं का जायजा
समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने लालबाग मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों ने मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, अतिविशिष्ट व्यक्तियों और आम लोगों के आने-जाने के अलग-अलग रास्ते, पेयजल आपूर्ति, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तथा वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को देखा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले आम लोगों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया।
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मुरिया दरबार की ऐतिहासिक परंपरा
पहले बस्तर रियासत के राजा दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुना करते थे। गांवों के मांझी और मुखिया अपने क्षेत्र की शिकायतें तथा जरूरतें राजा तक पहुंचाते थे। यह दरबार बस्तर दशहरा का एक बेहद अहम हिस्सा है। निर्विघ्न रूप से दशहरा पूरा होने के बाद राजा मुरिया दरबार लगाकर जनसमस्याएं सुनते थे। लेकिन देश में राजशाही व्यवस्था खत्म होने और लोकतांत्रिक व्यवस्था शुरू होने के बाद अब इस दरबार में प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्षेत्र की समस्याओं, मांगों और दूसरे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होती है। हालांकि, इस दौरान राज परिवार के सदस्य भी इसमें मौजूद रहते हैं।