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Exclusive: छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर जवानों की सुरक्षा से खिलवाड़; खतरा बन रहे ये वायरल वीडियो, जानें कैसे
सार
CG News, Naxalties News: छत्तीसगढ़ समेत देश के नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बल के जवान अपनी जान हथेली पर लेकर नक्सल ऑपरेशन के तहत दिन-रात सर्चिंग कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
CG News, Naxalties News: छत्तीसगढ़ समेत देश के नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बल के जवान अपनी जान हथेली पर लेकर नक्सल ऑपरेशन के तहत दिन-रात सर्चिंग कर रहे हैं। भीषण गर्मी में जहां लोग घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। वहीं नक्सल मोर्चे पर तैनात जवान मौसम की परवाह किये बगैर नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं। मुठभेड़ में उन्हें मौत की नींद सुला रहे हैं। ऐसे में हमारे जवानों की सुरक्षा को लेकर हैरान करने वाले कुछ वीडियो देखे जा रहे हैं, जो कही से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता है। दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर अनगिनत वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये वीडियो सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं या यूं कहे कि ऐसे वीडियो से जवानों की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। क्योंकि नक्सली ऐसे वीडियो को देखकर अपने मूवमेंट में बदलाव कर जवानों के लिये खतरा का सबब बन सकते हैं। सोशल मीडिया पर आप ऐसे तमाम वीडियो देख सकते हैं।
बड़ी बात ये है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में फोर्स की सुरक्षा को लेकर कुछ भी गोपनीयता नहीं बरती जा रही है। जबकि ऐसी चीजों को वायरल करने से पहले सौ बार सोचना चाहिये। क्योंकि ये हमारी फोर्स की सुरक्षा का सवाल है और इसे हर हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्योंकि एक गलती भी नक्सल ऑपरेशन पर भारी पड़ सकता है। हालांकि सुरक्षा को लेकर मानक तय हैं पर कई यूट्यूबर्स संचालक इन मानकों को पालन किये बिना ही ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दे रहे हैं। जिससे नक्सली संगठन से जुड़े लोग इन वीडियो को देखकर सारी स्थिति-परिस्थिति को भलीभांति समझ जा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि ऐसे तमाम वीडियो खुद जवानों की ओर से ही बनाये गये हैं, जो वायरल होकर सोशल मीडिया के समुद्र में गोते लगा रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि कि सरकार को ऐसे वाडियो पर संज्ञान लेकर रोक लगानी चाहिये । इन्हें बैन किये जाने चाहिये।
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केस-वन: इस वीडियो में दिख रहा है कि बीहड़ नक्सल क्षेत्रों में घुसकर नक्सलियों का खात्मा करने के लिये फोर्स के जवान नदी, नालों पर अस्थायी पुलिया बनाते हैं। ये पुलिया साल, सागौन समेत कई लकड़ी के होते हैं। इन कच्ची पुलियों के सहारे जवान अपने नक्सल ऑपरेशन पर रवाना होते हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सात से दस जवान एक साथ जा रहे हैं। मोटरसाइकिल पर सवार होकर पुलियां को पार कर रहे हैं।
सवाल: इस वीडियो को देखकर नक्सली क्षति पहुंचाने के लिये कुछ भी कर सकते हैं।
केस-2: इस वीडियो में दिख रहा है कि जवान जंगल के रास्ते सर्चिंग पर जा रहे हैं। वो अपने साथ कौन-कौन से हथियार रखे हैं?
सवाल: जवानों के आने-जाने के रास्तों का आकलन और हथियार के लुटने की आशंका।
केस-3: इस वीडियो में दिख रहा है कि सात से दस जवान बाइक पर सवार होकर नदी पार कर रहे हैं। उनकी पीठ पर बैग और कंधे पर अत्याधुनिक हथियार हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी और नालों की जानकारी हो सकती है।
केस-4: इस वीडियो में दिख रहा है कि फोर्स के जवान बड़ी संख्या में नदी पार कर रहे हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी,हथियार की जानकारी हो सकती है।
केस-5: इस वीडियो में दिख रहा है कि जवान एक घने जंगल के बीच पत्थर के टीलों पर बैठकर भोजन कर रहे हैं। वहीं बगल में उनके हथियार भी रखे हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी और नालों की जानकारी हो सकती है।
केस-6: इस वीडियो में दिख रहा है कि बड़ी संख्या में जवान अत्याधुनिक हथियार से लैस होकर सड़क के रास्ते बाइक से जा रहे हैं। उनके पीठ बैग और कंधे पर हथियार टंगे हुए हैं।
सवाल: जवानों के जाने वाले रास्तों, सड़क, हथियार और लोकेशन उजागर होने की आशंका।
'रोक लगनी चाहिये'
इस मामले में छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के डीआईजी कमलोचन कश्यप ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस तरह के वीडियो वायरल करना सही नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से इस पर रोक लगनी चाहिये।
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बड़ी बात ये है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में फोर्स की सुरक्षा को लेकर कुछ भी गोपनीयता नहीं बरती जा रही है। जबकि ऐसी चीजों को वायरल करने से पहले सौ बार सोचना चाहिये। क्योंकि ये हमारी फोर्स की सुरक्षा का सवाल है और इसे हर हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्योंकि एक गलती भी नक्सल ऑपरेशन पर भारी पड़ सकता है। हालांकि सुरक्षा को लेकर मानक तय हैं पर कई यूट्यूबर्स संचालक इन मानकों को पालन किये बिना ही ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दे रहे हैं। जिससे नक्सली संगठन से जुड़े लोग इन वीडियो को देखकर सारी स्थिति-परिस्थिति को भलीभांति समझ जा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि ऐसे तमाम वीडियो खुद जवानों की ओर से ही बनाये गये हैं, जो वायरल होकर सोशल मीडिया के समुद्र में गोते लगा रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि कि सरकार को ऐसे वाडियो पर संज्ञान लेकर रोक लगानी चाहिये । इन्हें बैन किये जाने चाहिये।
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केस-वन: इस वीडियो में दिख रहा है कि बीहड़ नक्सल क्षेत्रों में घुसकर नक्सलियों का खात्मा करने के लिये फोर्स के जवान नदी, नालों पर अस्थायी पुलिया बनाते हैं। ये पुलिया साल, सागौन समेत कई लकड़ी के होते हैं। इन कच्ची पुलियों के सहारे जवान अपने नक्सल ऑपरेशन पर रवाना होते हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सात से दस जवान एक साथ जा रहे हैं। मोटरसाइकिल पर सवार होकर पुलियां को पार कर रहे हैं।
सवाल: इस वीडियो को देखकर नक्सली क्षति पहुंचाने के लिये कुछ भी कर सकते हैं।
केस-2: इस वीडियो में दिख रहा है कि जवान जंगल के रास्ते सर्चिंग पर जा रहे हैं। वो अपने साथ कौन-कौन से हथियार रखे हैं?
सवाल: जवानों के आने-जाने के रास्तों का आकलन और हथियार के लुटने की आशंका।
केस-3: इस वीडियो में दिख रहा है कि सात से दस जवान बाइक पर सवार होकर नदी पार कर रहे हैं। उनकी पीठ पर बैग और कंधे पर अत्याधुनिक हथियार हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी और नालों की जानकारी हो सकती है।
केस-4: इस वीडियो में दिख रहा है कि फोर्स के जवान बड़ी संख्या में नदी पार कर रहे हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी,हथियार की जानकारी हो सकती है।
केस-5: इस वीडियो में दिख रहा है कि जवान एक घने जंगल के बीच पत्थर के टीलों पर बैठकर भोजन कर रहे हैं। वहीं बगल में उनके हथियार भी रखे हैं।
सवाल: जवानों के आने-जाने वाले रास्तों, नदी और नालों की जानकारी हो सकती है।
केस-6: इस वीडियो में दिख रहा है कि बड़ी संख्या में जवान अत्याधुनिक हथियार से लैस होकर सड़क के रास्ते बाइक से जा रहे हैं। उनके पीठ बैग और कंधे पर हथियार टंगे हुए हैं।
सवाल: जवानों के जाने वाले रास्तों, सड़क, हथियार और लोकेशन उजागर होने की आशंका।
'रोक लगनी चाहिये'
इस मामले में छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के डीआईजी कमलोचन कश्यप ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस तरह के वीडियो वायरल करना सही नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से इस पर रोक लगनी चाहिये।