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CG: शासकीयकरण की मांग पर अड़े पंचायत सचिव, विधानसभा घेराव से मंत्रालय तक करेंगे आंदोलन
Thu, 20 Mar 2025 04:10 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 20 Mar 2025 04:10 PM IST
सार
सचिवों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलन के चलते पंचायतों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदर्शन कर रहे पंचायत सचिव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग को लेकर प्रदेशभर में सचिवों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में कोंडागांव जिले के 288 पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठ गए हैं, जिससे ग्राम पंचायतों के कार्य ठप हो गए हैं।
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प्रदेश पंचायत सचिव संघ के अनुसार, विधानसभा चुनाव 2023-24 में मोदी गारंटी के तहत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया गया था। इसके तहत 7 जुलाई 2024 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जल्द शासकीयकरण का भरोसा दिया था। 16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समिति गठित कर 30 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बावजूद सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे सचिवों में भारी नाराजगी है।
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प्रदेश पंचायत सचिव संघ ने 10 मार्च 2025 को कवर्धा में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। इसके तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव, 18 मार्च से जनपद मुख्यालयों में अनिश्चितकालीन हड़ताल और 1 अप्रैल को मंत्रालय घेराव करने का निर्णय लिया गया है। कोंडागांव जिले के पंचायत सचिव भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
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सचिवों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलन के चलते पंचायतों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह पंचायत सचिवों की मांगों पर जल्द निर्णय ले।