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करदाताओं को पसंद आ रहा ऑनलाइन पेमेंट मोड: रायपुर नगर निगम ने एक ही दिन में सूवले 2 करोड़ से ज्यादा रुपए
Sun, 02 Apr 2023 07:01 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sun, 02 Apr 2023 07:01 PM IST
सार
राजधानीवासियों को रायपुर नगर निगम की ऑनलाइन टैक्स पेमेंट योजना काफी पसंद आ रही है। टैक्सदाताओं को ये सुविधा बेहद पसंद आ रही हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रायपुर निगम के वित्तीय वर्ष खत्म होने पर 31 मार्च को एक ही दिन में करदाताओं से 2 करोड़ 20 लाख 97 हजार 334 रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूले गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राजधानीवासियों को रायपुर नगर निगम की ऑनलाइन टैक्स पेमेंट योजना काफी पसंद आ रही है। टैक्सदाताओं को ये सुविधा बेहद पसंद आ रही हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रायपुर निगम के वित्तीय वर्ष खत्म होने पर 31 मार्च को एक ही दिन में करदाताओं से 2 करोड़ 20 लाख 97 हजार 334 रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूले गए।
निगम अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले टैक्स के लिए 1600 रसीद बुक छापी जाती थी। टैक्स पर्ची में पावती और कार्यालय कॉपी के रूप में 200 पन्ने हुआ करते थे। वहीं दो साल पहले 3 लाख 20 हजार रसीदें छापी जाती थी। दो साल पहले निगम के राजस्व विभाग को पीओएस मशीन दिया गया। पीओएस मशीन में करदाता का विवरण डालकर टैक्स जमा करवाया जा रहा है। छोटी सी रसीद दी जा रही है। इसी क्रम में ऑनलाइन पोर्टल और मोर रायपुर एप के माध्यम से भी टैक्स भरने की सुविधा मिल रही है।
वहीं पिछले साल कुछ नागरिकों ने ऑफलाइन रसीदों की मांग की थी। इस साल इसकी मांग नहीं हुई। दो साल पहले के बचे 300 रसीद बुक में से एक की भी इस साल जरूरत नहीं पड़ी।
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इसलिए भा रहा ये तरीका
ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए लोगों को लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ती है। पीओएस मशीन से स्वाइप करने मात्र से ही पेमेंट हो जाता है। इस वजह से लोगों का कीमती समय भी बच जाता है। वहीं पुरानी रसीद लेकर जोन में जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। भागदौड़ की इस जिंदगी में ऑनलाइन पेमेंट से लोगों को काफी सहूलियत मिलती है। इस वजह से राजधानीवासियों को ये तरीका बेहद पसंद आ रहा है।
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निगम अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले टैक्स के लिए 1600 रसीद बुक छापी जाती थी। टैक्स पर्ची में पावती और कार्यालय कॉपी के रूप में 200 पन्ने हुआ करते थे। वहीं दो साल पहले 3 लाख 20 हजार रसीदें छापी जाती थी। दो साल पहले निगम के राजस्व विभाग को पीओएस मशीन दिया गया। पीओएस मशीन में करदाता का विवरण डालकर टैक्स जमा करवाया जा रहा है। छोटी सी रसीद दी जा रही है। इसी क्रम में ऑनलाइन पोर्टल और मोर रायपुर एप के माध्यम से भी टैक्स भरने की सुविधा मिल रही है।
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वहीं पिछले साल कुछ नागरिकों ने ऑफलाइन रसीदों की मांग की थी। इस साल इसकी मांग नहीं हुई। दो साल पहले के बचे 300 रसीद बुक में से एक की भी इस साल जरूरत नहीं पड़ी।
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इसलिए भा रहा ये तरीका
ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए लोगों को लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ती है। पीओएस मशीन से स्वाइप करने मात्र से ही पेमेंट हो जाता है। इस वजह से लोगों का कीमती समय भी बच जाता है। वहीं पुरानी रसीद लेकर जोन में जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। भागदौड़ की इस जिंदगी में ऑनलाइन पेमेंट से लोगों को काफी सहूलियत मिलती है। इस वजह से राजधानीवासियों को ये तरीका बेहद पसंद आ रहा है।