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Atal Bihari Vajpayee University : एनएसयूआई ने कुलपित को सौंपा ज्ञापन, इन तीन बिंदुओं के जरिए रखी अपनी बातें

Thu, 10 Aug 2023 04:45 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 10 Aug 2023 04:45 PM IST
सार

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में गुरुवार को छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में संशोधन करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी को कुलपति निवास में ज्ञापन सौंपा।
 

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NSUI submitted memorandum to VC of Atal Bihari Vajpayee University to amend examination system
छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में गुरुवार को छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में संशोधन करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी को कुलपति निवास में ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने तीन बिंदुओं पर अपनी बात रखते हुए छात्रहित में मांग पूरा करने की बात कही।

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दो विषयों पर पूरक परीक्षा का प्रावधान लागू किया जाए
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में सत्र 2022-23 में लगभग 1,10,000 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिसमें से 30% परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम में पूरक और फेल घोषित किये गए हैं। इसमें से 80% परीक्षार्थी केवल दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने के कारण फेल घोषित किये गए हैं, उन परीक्षार्थी को पूरक घोषित कर पूरक परीक्षा मे सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाए। 
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तीन विषयों में पुनर्मूल्यांकन का नियम
विश्वविद्यालय में परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट होने के बाद पुनर्मूल्यांकन केवल दो विषयों मे कर पाते हैं, उन सभी परिक्षार्थियों को तीन विषयों में पुनर्मूल्यांकन कराये जाने का नियम लागू किया जाए। 
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प्रायोगिक परीक्षा के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया जाए
विश्वविद्यालय मे सैकड़ों परीक्षार्थी ऐसे हैं, जो सभी सैधांतिक परीक्षाओं मे उत्तीर्ण हैं। वहीं, कुछ विद्यार्थी ऐसे हैं, जो किन्हीं विशेष कारणों से प्रायोगिक परीक्षाओं से वंचित रह गए हैं। वे आज भी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं। उन परिक्षार्थियों को जो प्रायोगिक परीक्षा से वंचित रह गए हैं, उन्हे एक अंतिम अवसर प्रदान किया जाए। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि तीन वर्षों के कोरोनाकाल के ऑनलाईन, ब्लैंडेड मोड के परीक्षा के बाद इस वर्ष सत्र 2022-23 में परीक्षाएं भौतिक रूप से आयोजित की गई हैं, जिसके कारण इस वर्ष का परीक्षा परिणाम पिछले वर्षों से कम रहा। विभिन्न कारणों को ध्यान में रखकर मांग पूरा किया जाए।

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