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National Tribal Dance Festival: नौ देशों के 1500 कलाकार लेंगे हिस्सा, रायपुर में एक नवंबर से होगी शुरुआत
Sun, 23 Oct 2022 02:27 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sun, 23 Oct 2022 02:27 PM IST
सार
CM भूपेश बघेल ने कहा, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय कलाकारों के बीच उनकी कलाओं की साझेदारी होगी, बल्कि वे एक-दूसरे के खान-पान, रीति-रिवाज, शिल्प-शैली को भी देख-समझ सकेंगे। इन प्रयासों के लिए हमने नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल के रूप में एक परंपरा की शुरुआत छत्तीसगढ़ में की है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से राष्ट्रीय आदिवासी डांस फेस्टिवल (National Tribal Dance Festival) का आगाज होने जा रहा है। राजधानी रायपुर के साइसं कॉलेज मैदान में होने वाले इस फेस्टिवल में इस बार भारत के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों सहित नौ देश के 1500 से ज्यादा कलाकार शामिल होंगे। फेस्टिवल के लिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य के मंत्रियों और अफसरों को व्यक्ति रूप से भेजा जा रहा है।
सभी नौ देश पहली बार फेस्टिवल में होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ की ओर से जिन नौ देशों को आमंत्रण भेजा गया है, उनमें मोजांबिक, मंगोलिया, टोंगो, रशिया, इंडोनेशिया, मालदीव, सर्बिया, न्यूजीलैंड और इजिप्ट के जनजातीय कलाकार शामिल है। यह सभी देश पहली बार रायपुर में होने वाले फेस्टिवल में शामिल होंगे। इन सभी विदेशी मेहमानों को छत्तीसगढ़ तक लाने-ले लजाने और उनकी मेहमान नवाजी की जिम्मेदारी इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशन (ICCR) को सौंपी गई है।
डांस फेस्टिवल इस बार दो थीम पर
इस बार आदिवासी नृत्य महोत्सव (National Tribal Dance Festival) में दो थीम रखी गई है। पहली थीम है ‘फसल कटाई पर होने वाले आदिवासी नृत्य’ और दूसरी थीम है ‘आदिवासी परम्पराएं और रीति- रिवाज’। विजेताओं को 20 लाख रुपये के पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। प्रथम स्थान के लिए पांच लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए तीन लाख रुपये और तीसरा स्थान पाने वाली टीम को दो लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
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हमारा प्रयास दुनियाभर के आदिवासी समुदाय के विकास के लिए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय कलाकारों के बीच उनकी कलाओं की साझेदारी होगी, बल्कि वे एक-दूसरे के खान-पान, रीति-रिवाज, शिल्प-शैली को भी देख-समझ सकेंगे। इन प्रयासों के लिए हमने नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल के रूप में एक परंपरा की शुरुआत छत्तीसगढ़ में की है। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और पूरी दुनिया के जन-जातीय समुदायों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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सभी नौ देश पहली बार फेस्टिवल में होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ की ओर से जिन नौ देशों को आमंत्रण भेजा गया है, उनमें मोजांबिक, मंगोलिया, टोंगो, रशिया, इंडोनेशिया, मालदीव, सर्बिया, न्यूजीलैंड और इजिप्ट के जनजातीय कलाकार शामिल है। यह सभी देश पहली बार रायपुर में होने वाले फेस्टिवल में शामिल होंगे। इन सभी विदेशी मेहमानों को छत्तीसगढ़ तक लाने-ले लजाने और उनकी मेहमान नवाजी की जिम्मेदारी इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशन (ICCR) को सौंपी गई है।
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डांस फेस्टिवल इस बार दो थीम पर
इस बार आदिवासी नृत्य महोत्सव (National Tribal Dance Festival) में दो थीम रखी गई है। पहली थीम है ‘फसल कटाई पर होने वाले आदिवासी नृत्य’ और दूसरी थीम है ‘आदिवासी परम्पराएं और रीति- रिवाज’। विजेताओं को 20 लाख रुपये के पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। प्रथम स्थान के लिए पांच लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए तीन लाख रुपये और तीसरा स्थान पाने वाली टीम को दो लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
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हमारा प्रयास दुनियाभर के आदिवासी समुदाय के विकास के लिए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय कलाकारों के बीच उनकी कलाओं की साझेदारी होगी, बल्कि वे एक-दूसरे के खान-पान, रीति-रिवाज, शिल्प-शैली को भी देख-समझ सकेंगे। इन प्रयासों के लिए हमने नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल के रूप में एक परंपरा की शुरुआत छत्तीसगढ़ में की है। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और पूरी दुनिया के जन-जातीय समुदायों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।