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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Musical Shrimad Bhagwat Katha Week Gyanyagya till 28 march in bhilai

Raipur: संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ: शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में बह रही भक्ति की बयार

Fri, 24 Mar 2023 05:34 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Fri, 24 Mar 2023 05:34 PM IST
सार

शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन आईपी मिश्रा की ओर से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 22 से 28 मार्च तक शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज सभागार जुनवानी भिलाई में आयोजित किया गया है।

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Musical Shrimad Bhagwat Katha Week Gyanyagya till 28 march in bhilai
प्रवचन करते महाराज परासर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन आईपी मिश्रा की ओर से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 22 से 28 मार्च तक शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज सभागार जुनवानी भिलाई में आयोजित किया गया है। राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त डॉ. श्याम सुन्दर पराशर, श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का प्रवचन हो रहा है। इस बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर धर्मप्रेमी लोगों में भारी उत्साह है। 
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मिश्रा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी है। आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है। श्रीमद्भागवत पुराण को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है। इसलिए अपने पितरों की शांति के लिए इसे हर किसी को आयोजित कराना चाहिए। उन्होंने इसके अलावा कहा रोग-शोक, पारिवारिक अशांति दूर करने, आर्थिक समृद्धि और खुशहाली के लिए इसका आयोजन किया जाता है।
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उन्होंने ये भी कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन-चक्र से जुड़े प्राणियों को उनकी वास्तविक पहचान करता है, आत्मा को अपने स्वयं की अनुभूति से जोड़ता हैं। सांसारिक दुख, लोभ-मोह-क्षुधा जैसे तमाम प्रकार की भावनाओं के बंधन से मुक्त करते हुए नश्वर ईश्वर और उसी का एक अंश आत्मा से साक्षात्कार कराता है। इसे सुनने मात्र से हजारों अश्वमेघ यज्ञ आयोजनों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है।
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आयोजक ने बताया कि गंगा, गया, काशी, पुष्कर या प्रयाग जैसे तीर्थों की यात्रा से भी अधिक पुण्यकारी है। इसे सुनने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसे सुनने वाले पर स्वयं श्रीहरि विष्णु की कृपा रहती है। इसलिए उसके जीवन की सभी समस्याओं का निवारण होता है। जगत के पालनहार की कृपा दृष्टि मिलने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में प्रगति, खुशहाली और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उसकी नकारात्मकता जाती रहती है और हर प्रकार से वह सकारात्मक हो जाता है।

 
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