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अंबिकापुर: अवैध सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड झारखंड से गिरफ्तार, करोड़ों का हुआ था ट्रांजेक्शन
Wed, 10 Sep 2025 06:37 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, सरगुजा
अमर उजाला नेटवर्क, सरगुजा
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 10 Sep 2025 06:37 PM IST
सार
अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में लिप्त मास्टरमाइंड सटोरी सत्यम केशरी को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्रिकेट मैचों में लाखों-करोड़ों रुपये का सट्टा लगाकर अवैध कमाई कर रहा था।
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अवैध सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड झारखंड से गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में लिप्त मास्टरमाइंड सटोरी सत्यम केशरी को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्रिकेट मैचों में लाखों-करोड़ों रुपये का सट्टा लगाकर अवैध कमाई कर रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने व परिचितों के नाम पर करीब 60 फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों का उपयोग सट्टे के लेन-देन में किया जाता था, जिनसे करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी लोगों से एटीएम, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल नंबर लेकर भी धोखाधड़ी करता था।
पहली कार्रवाई में तीन आरोपी पकड़े गए थे
13 मई 2024 को पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केसरी को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 19 मोबाइल, 21 एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और 20,100 नगद बरामद किए गए थे। जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट और PhonePe ऐप में हुए लेन-देन के साक्ष्य भी मिले थे।
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इस मामले में पहले ही ऋतिक मंदिलवार उर्फ बमफोड़, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा उर्फ पहलू, ध्रुवील पटेल और मुकेश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इसी क्रम में खोजबीन के दौरान मास्टरमाइंड अंबिकापुर निवासी को सत्यम केशरी को झारखंड से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।
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जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने व परिचितों के नाम पर करीब 60 फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों का उपयोग सट्टे के लेन-देन में किया जाता था, जिनसे करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी लोगों से एटीएम, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल नंबर लेकर भी धोखाधड़ी करता था।
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पहली कार्रवाई में तीन आरोपी पकड़े गए थे
13 मई 2024 को पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केसरी को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 19 मोबाइल, 21 एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और 20,100 नगद बरामद किए गए थे। जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट और PhonePe ऐप में हुए लेन-देन के साक्ष्य भी मिले थे।
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इस मामले में पहले ही ऋतिक मंदिलवार उर्फ बमफोड़, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा उर्फ पहलू, ध्रुवील पटेल और मुकेश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इसी क्रम में खोजबीन के दौरान मास्टरमाइंड अंबिकापुर निवासी को सत्यम केशरी को झारखंड से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।