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रायपुर: इंस्टाग्राम पर क्रेडिट कार्ड का झांसा देकर 2.20 लाख रुपये ठगे
Tue, 06 Oct 2026 02:34 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:34 PM IST
सार
इंस्टाग्राम पर क्रेडिट कार्ड का ऑफर देखना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। बैंक कर्मचारियों ने साइबर ठगों ने वीडियो केवाईसी के नाम पर फर्जी लिंक भेजा और पीएनबी क्रेडिट कार्ड से 2.20 लाख रुपये उड़ा दिए। जानिए ठगी का पूरा तरीका और इससे बचने के आसान उपाय।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायपुर जिले के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने नया तरीका अपनाते हुए क्रेडिट कार्ड ऑफर का झांसा देकर ढेबर सिटी, भाठागांव निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार से 2.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित द्वारा इंस्टाग्राम पर बैंक क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन देखकर आवेदन करने के बाद ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर वारदात को अंजाम दिया। जालसाजों ने वीडियो केवाईसी की आड़ में एक फर्जी लिंक भेजा और पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड से कुल 2.20 लाख रुपये निकाल लिए। रकम कटने का मैसेज मिलने पर पीड़ित ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इंस्टाग्राम के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
मामला 23 सितंबर का है, जब विनोद कुमार ने इंस्टाग्राम पर आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड का ऑफर देखा। ऑफर पसंद आने पर उन्होंने दिए गए लिंक पर आवेदन कर दिया। अगले दिन 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे पीड़ित के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित से उनके पुराने क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी।
वीडियो केवाईसी का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
इसके बाद आरोपी ने कहा कि नया क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए वीडियो केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। आरोपी ने पीड़ित के व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा और उस पर जरूरी जानकारी भरने को कहा। बैंक कर्मचारी समझकर पीड़ित ने लिंक खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी। केवाईसी प्रक्रिया पूरी होते ही उनके पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन ट्रांजैक्शन हुए और 2.20 लाख रुपये निकल गए। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दी।
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साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपील
पुलिस के अनुसार साइबर ठग सोशल मीडिया पर आकर्षक ऑफर के जरिये लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। आवेदन के बाद ठग बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और केवाईसी या लिमिट बढ़ाने के नाम पर लिंक भेजकर गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों की पुष्टि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा कार्ड नंबर, सीवीवी या ओटीपी साझा करने से बचें।
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इंस्टाग्राम के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
मामला 23 सितंबर का है, जब विनोद कुमार ने इंस्टाग्राम पर आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड का ऑफर देखा। ऑफर पसंद आने पर उन्होंने दिए गए लिंक पर आवेदन कर दिया। अगले दिन 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे पीड़ित के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित से उनके पुराने क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी।
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वीडियो केवाईसी का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
इसके बाद आरोपी ने कहा कि नया क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए वीडियो केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। आरोपी ने पीड़ित के व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा और उस पर जरूरी जानकारी भरने को कहा। बैंक कर्मचारी समझकर पीड़ित ने लिंक खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी। केवाईसी प्रक्रिया पूरी होते ही उनके पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन ट्रांजैक्शन हुए और 2.20 लाख रुपये निकल गए। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दी।
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साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपील
पुलिस के अनुसार साइबर ठग सोशल मीडिया पर आकर्षक ऑफर के जरिये लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। आवेदन के बाद ठग बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और केवाईसी या लिमिट बढ़ाने के नाम पर लिंक भेजकर गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों की पुष्टि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा कार्ड नंबर, सीवीवी या ओटीपी साझा करने से बचें।