{"_id":"63d96c383147e80e844969bd","slug":"leopard-entered-balod-residential-area-made-the-puppy-a-victim-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh : बालोद के रिहायशी क्षेत्र में घुसा तेंदुआ, पिल्ले को बनाया शिकार, पूरे इलाके में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh : बालोद के रिहायशी क्षेत्र में घुसा तेंदुआ, पिल्ले को बनाया शिकार, पूरे इलाके में दहशत
Wed, 01 Feb 2023 01:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 01 Feb 2023 01:00 AM IST
विज्ञापन
दीवार पर चढ़ा तेंदुआ...
- फोटो : अमर उजाला
बालोद जिले के गुरुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनईडोंगरी गांव के एक निजी फार्म हाउस में तेंदुआ घुस गया जहां उसने एक पिल्ले को अपना शिकार बनाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और सभी वन विभाग से मदद की गुहार लगा रहे हैं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसके बाद से वन विभाग भी लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
विज्ञापन
निजी फार्म हाउस में घुसा था तेंदुआ
आसपास के लोगों और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वहां पर एक निजी फार्म हाउस में तेंदुआ घुसा हुआ था। जिसकी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है और उसने कुत्ते को अपना शिकार भी बनाया है जिसके बाद फार्म हाउस के संचालक ने इसकी सूचना वन विभाग को दी जिसके बाद से वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है और लोगों को अलर्ट कर रहा है। गुरुर क्षेत्र घने वन से भी घिरा हुआ है।
विज्ञापन
जानिए वीडियो में क्या है
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे तेंदुआ पहुंचा और उसने कुत्ते के छोटे बच्चे को शिकार बनाया और अपने साथ ले गया। ऐसा लग रहा था मानो कि यह क्षेत्र तेंदुए का जाना पहचाना क्षेत्र है।
विज्ञापन
जानवरों को सुरक्षा चुनौती
आसपास के लोगों के लिए इंसानों के साथ साथ जानवरों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती है क्योंकि पालतू जानवरों को लोग अक्सर घरों के बाहर बांधकर रखते हैं ऐसे में तेंदुआ जानवरों को अपना शिकार ना बनाए यह चुनौती है।
जानवरों का डेरा बना बालोद
बालोद जिला बीते दो वर्षों से जानवरों का डेरा बना हुआ है। पहले बाघ ने यहां पर डेरा बनाया हुआ था जो वन विभाग के लिए सर दर्द बना हुआ था। जैसे तैसे उसने बालोद जिले से विदाई ली तो उसके बाद से यहां पर चंदा हांथी के दल ने एक साल तक डेरा डाला। अब तक लगभग 5 लोगों की मृत्यु हाथियों के कुचलने से हो चुकी है। अब तेंदुए ने लोगों के कान खड़े कर दिए हैं।