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Korba: NTPC सीपत के सैकड़ों मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे, वेतन बढ़ाने के साथ सेफ्टी सामग्री की है मांग
Thu, 28 Aug 2025 03:16 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 28 Aug 2025 03:16 PM IST
सार
देव शिल्पी मजदूर कल्याण समिति के अध्यक्ष शिव पटेल ने बताया कि एनटीपीसी प्रबंधन करोड़ों रुपये कमा रहा है लेकिन मजदूरों के हित में ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आज उन्हें आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।
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धरने पर बैठे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देव शिल्पी मजदूर कल्याण समिति के नेतृत्व में एनटीपीसी सीपत के मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मजदूरी दर बढ़ाई जाए। समिति के अध्यक्ष शिव कुमार पटेल ने बताया कि संसद और एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मनमोहन राठौर ने भी इस मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मजदूर अपने हक की लड़ाई के लिए शांतिपूर्वक हड़ताल पर बैठे हैं।
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देव शिल्पी मजदूर कल्याण समिति के उपाध्यक्ष रहसलाल सूर्यवंशी ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चुका है और कई बार मांगें रखी जा चुकी हैं लेकिन उसके बावजूद भी प्रबंधन अनदेखी कर रहा है उनकी मांग है कि मजदूरों का जो मजदूरी दर है स्किल रेट में दी जाए।
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रहसलाल ने बताया कि मजदूर सेफ्टी सामान समय पर उपलब्ध कराया जाए। समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार बरसात आने के बाद उन्हें रेनकोट जूता और अन्य सामान समय पर उपलब्ध नहीं हो पाता है। यही नहीं मजदूरों का वेतन समय पर नहीं दिया जाता है, जिसके चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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देव शिल्पी मजदूर कल्याण समिति के अध्यक्ष शिव पटेल ने बताया कि एनटीपीसी प्रबंधन करोड़ों रुपये कमा रहा है लेकिन मजदूरों के हित में ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते आज उन्हें आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है, जिस तरह से आज महंगाई बढ़ी हुई है लोगों को जो मजदूरी दर दी जा रही है वो बहुत कम है, जो उनकी मांगे हैं उन पर ध्यान देना चाहिए।
काम करने वाले लगभग 350 से 400 मजदूर काम कर रहे हैं, जिसमें पिछले 15 से 16 वर्षों से ही मजदूर मजदूरी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें जो नियम के तहत पैसे बढ़ा हुआ मिलना चाहिए और जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही हैं, जिन्हें लेकर आज उन्हें आंदोलन पर उतरना पड़ा और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगीं तब तक वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
एनटीपीसी प्रबंधन से जब भी वह अपनी बातें रखते हैं तो उनका कहना होता है कि दिल्ली से जो आदेश हैं उसके तहत भुगतान किया जा रहा है। सभी मजदूर एनटीपीसी के भू-स्थापित हैं। जिन्हें जमीन अधिग्रहण करने के बाद नौकरी दी गई है, सभी मजदूर अलग-अलग ग्रेड के हैं और एनटीपीसी सीपत में काम करते हैं।