{"_id":"6ae1c147eb07802b4e0fd57f","slug":"cyclone-arnab-impacts-korba-drizzling-rain-since-morning-dark-clouds-hover-people-forced-to-use-raincoats-korba-news-c-1-1-noi1487-4880744-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"चक्रवात अर्नब का असर: कोरबा में अलर्ट, बांगो बांध के गेट खुलने की संभावना; हसदेव नदी किनारे सतर्क रहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चक्रवात अर्नब का असर: कोरबा में अलर्ट, बांगो बांध के गेट खुलने की संभावना; हसदेव नदी किनारे सतर्क रहें
Wed, 28 Oct 2026 06:14 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:14 PM IST
सार
कोरबा में चक्रवाती मौसम के असर से बारिश जारी है। विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में बारिश की चेतावनी दी है। बांगो बांध के गेट खुलने की संभावना के बीच किसानों को फसल सुरक्षित रखने और हसदेव नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा
विस्तार
कोरबा जिले में चक्रवात 'अर्नब' का असर दिखने लगा है। बुधवार सुबह से ही आसमान में काली घटा छाई हुई है और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। सुबह से हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्कूली बच्चों, ऑफिस और दफ्तर जाने वाले लोगों को बारिश में भीगते हुए जाना पड़ा। कई लोगों को छाता और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा। बारिश थमने के बाद ठंड के आगाज के संकेत भी मिलने लगे हैं।
इधर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होगी और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 27 अक्टूबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश होगी। बारिश से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी और ठंड का असर कुछ दिन कम रहेगा।
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंची धान, दलहन और तिलहन की कटाई दो-तीन दिन टालने की सलाह दी गई है। कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने कहा गया है। तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई अभी रोकने और रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने की सलाह है।
विज्ञापन
लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों और फल लगे केले के पौधों को बांस से सहारा देने कहा गया है। रबी सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने को कहा गया है। पशुपालकों को पशुओं को सूखे स्थान पर रखने, चारा-पानी की व्यवस्था करने और वज्रपात के दौरान पेड़ के नीचे न रहने की सलाह दी गई है।
उधर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने, नहाने, मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
विज्ञापन
इधर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होगी और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 27 अक्टूबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश होगी। बारिश से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी और ठंड का असर कुछ दिन कम रहेगा।
विज्ञापन
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंची धान, दलहन और तिलहन की कटाई दो-तीन दिन टालने की सलाह दी गई है। कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने कहा गया है। तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई अभी रोकने और रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने की सलाह है।
विज्ञापन
लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों और फल लगे केले के पौधों को बांस से सहारा देने कहा गया है। रबी सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने को कहा गया है। पशुपालकों को पशुओं को सूखे स्थान पर रखने, चारा-पानी की व्यवस्था करने और वज्रपात के दौरान पेड़ के नीचे न रहने की सलाह दी गई है।
उधर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने, नहाने, मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा

कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा

कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा