{"_id":"61b413b1e039dd63b461b3c3","slug":"korba-drunk-teacher-chhattisgarh-school-teacher-found-drunk-on-duty","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल में शराबी शिक्षक का उत्पात: बोला- पिछले चार दिनों से सिर्फ शराब पीकर जिंदा हूं, बाप की जगह नौकरी करता हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल में शराबी शिक्षक का उत्पात: बोला- पिछले चार दिनों से सिर्फ शराब पीकर जिंदा हूं, बाप की जगह नौकरी करता हूं
Sat, 11 Dec 2021 08:29 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 11 Dec 2021 08:29 AM IST
सार
मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरतराई स्कूल का है, जहां एक शिक्षक शराब के नशे में छात्रों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी परेशान करता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर, (शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है)
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक शराबी शिक्षक की करतूत सामने आई है। शिक्षक के उत्पात से छात्र के साथ-साथ ग्रामीण भी परेशान हो गए हैं। कई बार समझाने के बावजूद वह नहीं मान रहा। कई बार तो वह ग्रामीणों से बहस भी कर लेता है। उससे जब उसके शराब पीने के बारे में पूछा गया तो कहने लगा कि मैं मेरे बाप की जगह नौकरी करता हूं। सब खाता हूं, मटन, मछली सबकुछ। हां पर पिछले चार दिनों से कुछ नहीं खाया है। सिर्फ पानी और शराब पीकर जिंदा हूं। मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरतराई स्कूल का है।
विज्ञापन
अभिभावक के साथ ग्रामीण भी परेशान
शराबी शिक्षक के खिलाफ ग्रामीण और बच्चे के माता-पिता कई बार शिकायत कर चुके हैं कि शिक्षक शराब पीकर ही स्कूल आता है। जिसकी वजह से स्कूल में बच्चे और अन्य शिक्षक भी परेशान होते हैं। इसके लिए कई बार ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल में बैठक कर उसे समझाया है। इसके बावजूद शिक्षक नहीं मानता और रोज स्कूल में शराब पीकर पहुंचता है।
विज्ञापन
मैं 10 से 4 बजे तक शराब नहीं पीता
शिक्षक शशिकांत ने कहा मैं स्कूल के वक्त सुबह 10 से 4 बजे तक शराब नहीं पीता हूं। मैं रोज समय पर आता हूं। किसी दिन समय पर नहीं आता तो मैं एक लड़की को भेजता हूं जिसे मैं हर महीने दो हजार रुपए देता हूं। मेरे नहीं रहने पर वही बच्चे को पढ़ाती है।
विज्ञापन
हुआ निलंबित
शिक्षक शशिकांत कंवर को नियमित रूप से स्कूल नहीं आने एवं आदतन शराब पीकर स्कूल आने के कारण निलंबित कर दिया गया है।