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अंधविश्वास: आकाशीय बिजली की चपेट में आए बच्चे को कोदो फसल के बीच रखा, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती

Wed, 20 Sep 2023 09:27 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 20 Sep 2023 09:27 AM IST
सार

कबीरधाम में मंगलवार को तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई है। इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हुई है। वहीं, उसका नौ वर्षीय नाती बेहोश हो गया।

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The child who was struck by lightning was kept among the Kodo crops
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कबीरधाम में मंगलवार को तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई है। इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हुई है। वहीं, उसका नौ वर्षीय नाती बेहोश हो गया। जिसे लोगों ने अंधविश्वास के चलते कोदो फसल के बीच रख दिया। लोगों को लगता है कि ऐसा करने से बच्चा ठीक हो जाता। उधर, जब इस बात की जानकारी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को लगी तो हड़कंप मच गया।  

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पूरा मामला कबीरधाम जिले के वनांचल थाना क्षेत्र कुकदुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नेऊर के आश्रित गांव परसाटोला का है, यहां मंगलवार देर शाम साढ़े पांच बजे आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई। कुकदुर थाना प्रभारी सावन सारथी ने बताया कि भादिया पति सुखराम उम्र 61 की अपने नौ वर्षीय नाती के साथ गाय को चरा रही थी। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। नाती बेहोश होकर गिर गया। होश आने पर रोना शुरू किया। आसपास के लोग घायल बच्चे को घर लेकर गए। जिसके बाद बच्चे को कोदो फसल के नीचे दबाया गया था, ताकि उसे ठंडक मिल सके। वहीं, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिलने के बाद घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया। बुजुर्ग महिला के शव को भी अस्पताल में रखा गया। आज बुधवार को पीएम को होगा।
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अस्पताल में उपचार जरूरी, इस तरह के अंधविश्वास से चली जाती है जान
कबीरधाम जिले का अधिकतर हिस्सा वनांचल क्षेत्र में आता है। बारिश के दिनों में आकाशीय बिजली गिरने के घटना होती है। इस घटना में घायल को उपचार किए जाने अभी भी अंचल में कुप्रथा जारी है। जैसे घायल के शरीर में गोबर का लेप लगाना, कोदो में रखना समेत अन्य उपचार किए जाते हैं। वहीं, क्षेत्र के बीएमओ डाक्टर स्वप्निल तिवारी ने बताया कि इस प्रकार के कुप्रथा से और भी खतरा होता है। बिजली की चपेट में आने वाले घायल को जितना जल्द अस्पताल लाया जा सके वही बेहतर है। अस्पताल में उपचार से ही राहत मिलती है।

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