{"_id":"66082ed29bb33205e5082e8e","slug":"teacher-misdeed-girl-from-his-own-school-in-kabirdham-2024-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kabirdham: अपने ही स्कूल की बच्ची से शिक्षक ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने 20 साल की सजा और अर्थदंड से किया दंडित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kabirdham: अपने ही स्कूल की बच्ची से शिक्षक ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने 20 साल की सजा और अर्थदंड से किया दंडित
Sat, 30 Mar 2024 08:55 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: आकाश दुबे
Updated Sat, 30 Mar 2024 08:55 PM IST
सार
कोर्ट ने सजा सुनते हुए कहा है कि दोषी ने न सिर्फ गुरु-शिष्य के संबंध को बदनाम किया है बल्कि विद्या के मंदिर विद्यालय के माहौल को भी दूषित किया है। अगर विद्या के मंदिर में शिक्षक ही बच्चों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार करने लगेंगे तो समाज में बच्चे कहां सुरक्षित होंगे।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कबीरधाम जिला कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में शनिवार के दोषी शिक्षक को 20 साल की सजा सुनाई है। शिक्षक ने अपने ही स्कूल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था।
विज्ञापन
यह प्रकरण वर्ष 2023 में पिपरिया थाना क्षेत्र का है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) उदयलक्ष्मी सिंह परमार ने दिया है। कोर्ट से मिली जानकारी अनुसार, दोषी कुंजबिहारी हाठिले (उम्र 42) पिता भजराम, निवासी रायपुर-बाईपास कवर्धा जिला कबीरधाम ने 6 दिसंबर 2022 से 20 फरवरी 2023 के बीच अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली 13 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके साथ ही वह बच्ची को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के नाम पर अश्लील वीडियो भेजता था।
विज्ञापन
जब घर वालों ने मोबाइल को देखा तो पूरा भंडाफूट गया। परिजनो की शिकायत पर पिपरिया थाने में 21 फरवरी 2023 को मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में चली सुनवाई के बाद दोषी को 20 साल की सजा व एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा कि कुंजबिहारी द्वारा पीड़िता के शिक्षक होते हुए विद्यालय में उसके साथ न सिर्फ लैंगिक शोषण का किया गया है, बल्कि पीड़िता को भावनात्मक रूप से प्रभाव में लेकर उसे भविष्य के सपने दिखाते हुए उसके साथ लैंगिक शोषण का कार्य किया।
विज्ञापन
कुंजबिहारी ने न सिर्फ गुरु शिष्य के संबंध को बदनाम किया है बल्कि विद्या के मंदिर विद्यालय के माहौल को भी दूषित किया है। अगर विद्या के मंदिर में शिक्षक ही बच्चों के साथ लैंगिक शोषण करने लगेंगे तो समाज में बच्चे कहां सुरक्षित होंगे। प्रकरण की परिस्थिति, अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए कुंजबिहारी को अपराध में 20 वर्ष के सश्रम कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। वहीं इस मामले के पुलिस ने स्कूल के एक अन्य शिक्षक विजय कुमार (उम्र 52) पिता बंधनदास जनार्दन, निवासी ग्राम धौराबंद थाना पिपरिया को संबंधित धारा के तहत आरोपी बनाया था, जिसे कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।