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100 लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान: साइबर पुलिस ने बरामद किए गुम मोबाइल
Fri, 18 Sep 2026 08:54 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 08:54 PM IST
सार
साइबर पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी जांच की मदद से 100 गुम मोबाइल बरामद किए। करीब 25 लाख रुपये कीमत के मोबाइल सत्यापन के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
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आज शुक्रवार को मोबाइल को दिया गया
विस्तार
कबीरधाम जिले में मोबाइल गुम होने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके कबीरधाम के 100 लोगों के लिए साइबर पुलिस की तकनीकी कार्रवाई राहत लेकर आई है। साइबर पुलिस थाना कबीरधाम ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और तकनीकी जांच के जरिए 100 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने शुक्रवार को सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों और वारिसों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। लोगों ने कबीरधाम पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई के लिए आभार जताया।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद संबंधित लोगों की शिकायत और मोबाइल के आईएमईआई नंबर के आधार पर उसे सीईआईआर पोर्टल पर ब्लॉक कराया गया था। इसके बाद साइबर टीम ने पोर्टल से मिलने वाली तकनीकी जानकारी की लगातार निगरानी की।
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जैसे ही इनमें से कोई मोबाइल दोबारा नेटवर्क पर एक्टिव हुआ या उसमें नई सिम डाली गई, पुलिस को उससे संबंधित मोबाइल नंबर और उपयोगकर्ता की तकनीकी जानकारी मिली। इसके बाद साइबर टीम ने आईएमईआई नंबर, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का आपस में मिलान किया। तकनीकी जानकारी के सत्यापन के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया।
किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी, किसी को अचानक मिला अपना फोन
बरामद मोबाइल की पहचान उनके वास्तविक मालिकों के दस्तावेजों और अन्य जरूरी प्रमाणों के आधार पर की गई। सत्यापन पूरा होने के बाद पुलिस ने मोबाइल विधिवत उनके मालिकों और वारिसों को सौंप दिए।
लंबे समय से मोबाइल वापस मिलने का इंतजार कर रहे लोगों को जब उनका फोन मिला तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। नागरिकों ने पुलिस की तकनीकी कार्रवाई की सराहना करते हुए साइबर टीम का आभार जताया।
क्या है सीईआईआर और कैसे करता है काम?
सीईआईआर दूरसंचार विभाग, भारत सरकार की व्यवस्था है। इसके जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कराया जा सकता है। ब्लॉक किया गया मोबाइल यदि दोबारा किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जाता है, तो उसकी तकनीकी पहचान करने में सीईआईआर मदद करता है। इसी तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस गुम या चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन और उपयोग से जुड़े सुराग जुटाकर उसकी पतासाजी कर सकती है।
पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल थाने में सूचना दें। मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें और सीईआईआर पोर्टल के जरिए मोबाइल को ब्लॉक कराएं। यदि मोबाइल वापस मिल जाता है तो इसकी जानकारी पुलिस को जरूर दें, ताकि रिकॉर्ड में इसकी स्थिति अपडेट की जा सके।
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पुलिस ने शुक्रवार को सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों और वारिसों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। लोगों ने कबीरधाम पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई के लिए आभार जताया।
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पुलिस के अनुसार, मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद संबंधित लोगों की शिकायत और मोबाइल के आईएमईआई नंबर के आधार पर उसे सीईआईआर पोर्टल पर ब्लॉक कराया गया था। इसके बाद साइबर टीम ने पोर्टल से मिलने वाली तकनीकी जानकारी की लगातार निगरानी की।
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जैसे ही इनमें से कोई मोबाइल दोबारा नेटवर्क पर एक्टिव हुआ या उसमें नई सिम डाली गई, पुलिस को उससे संबंधित मोबाइल नंबर और उपयोगकर्ता की तकनीकी जानकारी मिली। इसके बाद साइबर टीम ने आईएमईआई नंबर, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का आपस में मिलान किया। तकनीकी जानकारी के सत्यापन के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया।
किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी, किसी को अचानक मिला अपना फोन
बरामद मोबाइल की पहचान उनके वास्तविक मालिकों के दस्तावेजों और अन्य जरूरी प्रमाणों के आधार पर की गई। सत्यापन पूरा होने के बाद पुलिस ने मोबाइल विधिवत उनके मालिकों और वारिसों को सौंप दिए।
लंबे समय से मोबाइल वापस मिलने का इंतजार कर रहे लोगों को जब उनका फोन मिला तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। नागरिकों ने पुलिस की तकनीकी कार्रवाई की सराहना करते हुए साइबर टीम का आभार जताया।
क्या है सीईआईआर और कैसे करता है काम?
सीईआईआर दूरसंचार विभाग, भारत सरकार की व्यवस्था है। इसके जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कराया जा सकता है। ब्लॉक किया गया मोबाइल यदि दोबारा किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जाता है, तो उसकी तकनीकी पहचान करने में सीईआईआर मदद करता है। इसी तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस गुम या चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन और उपयोग से जुड़े सुराग जुटाकर उसकी पतासाजी कर सकती है।
पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल थाने में सूचना दें। मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें और सीईआईआर पोर्टल के जरिए मोबाइल को ब्लॉक कराएं। यदि मोबाइल वापस मिल जाता है तो इसकी जानकारी पुलिस को जरूर दें, ताकि रिकॉर्ड में इसकी स्थिति अपडेट की जा सके।

आज शुक्रवार को मोबाइल को दिया गया