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Kabirdham: अनिश्चितकालीन हड़ताल की राह पर सहकारी समिति कर्मचारी, नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर पड़ेगा असर
Tue, 22 Oct 2024 04:46 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 22 Oct 2024 04:46 PM IST
सार
कबीरधाम में सहकारी समितियों में काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल की राह पर है। ये कबीरधाम जिले में बीते दो दिन सोमवार व आज मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर धरना दिए है।
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हड़ताल पर सहकारी समिति कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कबीरधाम में सहकारी समितियों में काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल की राह पर है। ये कबीरधाम जिले में बीते दो दिन सोमवार व आज मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर धरना दिए है। आज मंगलवार को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे है। मांग पूरी नहीं होने पर आने वाले 4 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने वाले है। ऐसे में नवंबर माह से शुरू होने वाले धान खरीदी में असर पड़ेगा। इन कर्मचारियों ने बताया कि सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर द्वारा मांगों को लेकर 18 जून 2024 को धरना स्थल तूता नवा रायपुर, जनदर्शन 4 जून 2024 को आवेदन दिए थे। इसके बाद भी मांगो पर किसी भी प्रकार से सकारात्मक पहल नहीं किया गया है।
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इस कारण प्रदेश संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन में जाने से सहकारी समितियों में धान खरीदी पंजीयन, धान की प्रारंभिक तैयारी, धान खरीदी साथ ही भारत सरकार के कम्प्यूटराइजेशन कार्य, केआरपी ब्याज, अनुदान पोर्टल, खाद बीज वितरण, राशन वितरण जैसे जनकल्याणकारी कार्य प्रभावित होंगे। इनकी तीन सूत्रीय मांग में एमपी सरकार की तर्ज पर सहकारी समितियों के कर्मचारीयों के लिए प्रत्येक वर्ष 3लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान राशि दिया जाए। कर्मचारी सेवानियम 2018 में संशोधन करते हुए पुनरक्षित वेतनमान लागू कर जरूरी कंडिकाओं में परिवर्तन किया जाए। धान खरीदी अनुबंध में परिवर्तन करते हुए धान में सूखत मान्य किया जाए। राशन वितरण पर 5 क्विंटल क्षतिपूर्ति या 5 हजार रुपए दिया जाए।
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