नक्सल इलाके में खुली पुलिस की खिड़की: शासन के ऑनलाइन काम होंगे, लोगों को मिलेगा नि:शुल्क राजस्व दस्तावेज
एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जिले के संवेदनशील दूर-दराज क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीण दस्तावेजों व जानकारी के लिए जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय आकर च्वाइस सेंटरो के माध्यम से कार्य करा रहे थे। इससे ग्रामीणों को आसुविधा होती है। इसे देखते हुए वहां संचालित पुलिस थाना/कैम्प परिसर में पुलिस खिड़की-जन सुविधा केन्द्र खोला गया है।
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की खिड़की शुरू की है। यहां लोगों के विभिन्न ऑनलाइन काम, आवेदन और ऑनलाइन राजस्व संबंधित दस्तावेज निशुल्क मिलेंगे। इस तरह की पहल जिले में पहली बार पुलिस विभाग ने की है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह और कलेक्टर जनमेजय महोबे ने सोमवार को पुलिस खिड़की जनसुविधा केंद्र (च्वाइस सेंटर) का शुभारंभ किया है। यह सुविधा जिले के पांच नक्सल प्रभावित थाना और पुलिस बेसकैंप कैंप प्रारंभ की गई है।
एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जिले के संवेदनशील दूर-दराज क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीण दस्तावेजों व जानकारी के लिए जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय आकर च्वाइस सेंटरो के माध्यम से कार्य करा रहे थे। इससे ग्रामीणों को आसुविधा होती है। इसे देखते हुए वहां संचालित पुलिस थाना/कैम्प परिसर में पुलिस खिड़की-जन सुविधा केन्द्र खोला गया है। इसके माध्यम से राजस्व दस्तावेज जैसे बी-1 खसरा नक्शा, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र मिल सकेंगे।
पुलिसकर्मी को दिया गया प्रशिक्षण
जिले के सुरक्षा कैंप तरेगांव जंगल, कुंडपानी, झलमला, कोयलारझोरी में च्वाइस सेंटर की अनुमति प्राप्त होने के बाद कार्य एजेंसी जनपद पंचायत बोड़ला को बनाया गया। इसके बाद आवश्यक सामाग्री उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा कैपों में पुलिस खिड़की-जन सुविधा केन्द्र (चॉइस सेंटर) की संचालन के लिए एसपी के निर्देश पर एक-एक पुलिसकर्मी को जिला कार्यालय के ई-गवर्नेस शाखा में प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही इस सेंटर के आईडी भी दी गई है। आने वाले समय में इस सेंटर को अपग्रेट कर लोगों को ऑनलाइन सेवा जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, नेट बैंकिग समेत अन्य की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इन नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मिलेगी सुविधा
- कुंडपानी कैंप - ग्राम मांदीभाठा, बेलापानी, आमापानी, माचापानी, खिचराही, सुरतिया, बरहापानी, कबीरपथरा, शंभूपीपर, महलीघाट, बोक्करखार एवं आसपास के ग्रामीणों को लाभ होगा।
- कोयलारझोरी कैंप - ग्राम कन्हारी, भूतहा, करमंदा, छितपुरी कला, छितपुरी खुर्द, डोगरिया, घानीखुटा, जमुनिया, बछरूकोना शामिल है।
- पंडरापानी कैंप - ग्राम बोल्दा, सौरू, खमराहा, लावा बेरला, सुपखार, रोल के लोगों को सुविधा मिलेगी।
- झलमला कैंप - यहां ग्राम बोदलपानी, जामुनपानी, महराजपुरडीह, सरेंड़ा, सोनवाही, बंदूकुंदा, नंदनी, कुमान, समनापुर, अंजना, लबहर, मुडवाही, प्रभूझोला, मछियाकोना, बहनाखोदरा, शीतलपानी के क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी।
- तरेगांव जंगल - ग्राम धूमाछापर, छापरटोला, झुरगीदादर, बरपानी, घाड़ाघाट, लब्दा, एवं आसपास के अन्य ग्रामों के ग्रामीणों को सुविधा होगी।
नोट – ये सभी धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आते है।