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Kabirdham: भोरमदेव मंदिर में केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग काम शुरू, बारिश के कारण छत से हो रहा पानी का रिसाव

Sat, 28 Sep 2024 06:09 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 28 Sep 2024 06:09 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थापित 11वीं शताब्दी की प्राचीन, ऐतिहासिक, पुरातात्तविक व जनआस्था से जुड़े स्थल भोरमदेव मंदिर की केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग कार्य किया जा रहा है। मंदिर के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 65 लाख 51 हजार रुपए स्वीकृत किया गया था।

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Chemical treatment water roofing work started in Bhoramdev temple in Kabirdham
भोरमदेव मंदिर में केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थापित 11वीं शताब्दी की प्राचीन, ऐतिहासिक, पुरातात्तविक व जनआस्था से जुड़े स्थल भोरमदेव मंदिर की केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग कार्य किया जा रहा है। मंदिर के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 65 लाख 51 हजार रुपए स्वीकृत किया गया था। कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा के प्रयास से राज्य शासन द्वारा इसके लिए द्वितीय किश्त की राशि 21 लाख 67 हजार रुपए स्वीकृत प्रदान की गई है। 

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पूर्व में प्रथम किस्त में 32 लाख 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। मंदिर का सुदृढ़ीकरण व अन्य तकनीकी कार्य पुरात्तव, संस्कृति विभाग की विषय-विशेषज्ञ, कुशल कामगारों द्वारा प्रारंभ किया गया है। बीते दिनों डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने निवास कार्यालय में संस्कृति व पुरातत्व विभाग, कबीरधाम जिले के गणमान्य नागरिकों, पुजारी के साथ भोरमदेव मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में बैठक ली थी। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने, मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्ताव पर चर्चा की गई। 
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बारिश के दिनों में पानी रिसाव की समस्या को दूर करने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उन्होंने भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य, ट्रीटमेंट को पूरा करने के निर्देश दिए है। श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण, चौकीदार क्वाटर को मंदिर के पास से अन्यत्र शिफ्ट करने तथा मंदिर के पीछे  वीआईपी रूम बनाने इसके अलावा मंदिर के पीछे और वीआईपी रूम के बीच की दीवाल को हटाकर ग्रील और गेट लगाने, भैरव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और हनुमान मंदिर आदि के पारंपरिक स्वरूप बरकरार रखने जे निर्देश दिए थे। 
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मंदिर में प्रतिदिन हो रहा काम 
प्राचीन भोरमदेव मंदिर को मजबूत व संरक्षित के लिए तकनीकी रूप से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए चरणबद्ध व पुरात्तव विभाग के सुरक्षा मानक अनुरूप कार्य किए जा रहे है। आज शनिवार को भी काम जारी रहा। इस कार्य को पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है। सभी सुदृढ़ीकरण,  मरम्मत कार्य मंदिर को बिना क्षति किए विशेष देखरेख में किया जा रहा है। बता दे कि भोरमदेव मंदिर कबीरधाम जिले ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक, पुरातात्तविक व जनआस्था के केद्र के रूप में इसकी एक विशिष्ठ पहचान है। इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो भी कहा जाता है।

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