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Kabirdham: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की मांग, भारतीय आदिवासी धर्म परिषद ने कहा- हिंसा रोकने में राज्य नाकाम
Mon, 24 Jul 2023 05:42 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 24 Jul 2023 05:42 PM IST
सार
मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में अखिल भारतीय आदिवासी धर्म परिषद (राज्य महिला समिति) ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
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कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे अखिल भारतीय आदिवासी धर्म परिषद के सदसय।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में अखिल भारतीय आदिवासी धर्म परिषद (राज्य महिला समिति) ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट पहुंचे परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि, आदिवासी समाज जिन्हें विशेष अधिकार की उपाधि प्राप्त है, वे मणिपुर की हिंसा को लेकर चिंतित हैं। कुकी और मेईतेई समाज के बीच चल रही हिंसा की वजह से बहुत से आदिवासियों की हत्या व दुष्कर्म जैसी दुखद घटनाएं हो रही हैं। इसे रोक पाने में राज्य सरकार असफल रही है।
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परिषद की ओर से कहा गया कि, पिछले दिनों मिले वीडियों के माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है कि बड़ी संख्या में हमारे नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जा रहा है। जिसे आरक्षण का विरोध बता कर राज्य सरकार दबाने की कोशिश कर रही है। यह भी विषय निकल कर सामने आया है कि बड़ी मात्रा में बंदूक व विस्फोटक सामग्री का उपयोग रिफ्यूजी लोगों द्वारा किया जा रहा है। इसके चलते जानमाल का नुकसान हो रहा। ऐसी स्थिति में वहां के लोगों का जीवन यापन कर पाना मुश्किल है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार उक्त मामले में नाकाम साबित हुई है। परिषद ने राज्य सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने व विद्रोही लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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