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Sukma Encounter: पुलिस बोली- माओवादी सिमट रहे, तो झूठे प्रचार कर रहे; नक्सलियों ने मुठभेड़ को बताया था हत्या
Tue, 09 May 2023 07:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 May 2023 07:35 PM IST
सार
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. कहा कि, कुछ दिनों से माओवादियों का आधार क्षेत्र सिमटता जा रहा है। ऐसे में वो झूठे प्रचार का सहारा लेकर अपने संगठन का गिरता हुआ मनोबल संभालने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
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सुंदरराज पी. आईजी बस्तर।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को हुई मुठभेड़ को लेकर पुलिस और नक्सली एक बार फिर आमने-सामने हैं। इस पर जमीन पर नहीं, बल्कि कागजों पर जुबानी वॉर चल रही है। नक्सलियों ने मंगलवार सुबह मुठभेड़ को झूठा करार दिया था। कहा था कि, जवानों ने घर से उठाकर हत्या की है। हालांकि मारे गए दोनों लोगों को नक्सलियों ने अपने संगठन का सदस्य बताया था। वहीं पुलिस ने कहा है कि, माओवादी सिमट रहे हैं, तो झूठा प्रचार कर रहे हैं। मारे गए दोनों नक्सली विस्फोट, ग्रामीणों की हत्या, जवानों पर हमले में शामिल थे।
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बस्तर आईजी सुंदरराज पी. कहा कि, कुछ दिनों से माओवादियों का आधार क्षेत्र सिमटता जा रहा है। ऐसे में वो झूठे प्रचार का सहारा लेकर अपने संगठन का गिरता हुआ मनोबल संभालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। कहा कि, सात मई को तेलंगाना राज्य के चेरला क्षेत्र में हुई मुठभेड़ सहित सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र, ओडिशा व अन्य जगहों में हुई मुठभेड़ पर सवाल खड़े कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। बौखलाहट के कारण ग्रामीणों की हत्या, प्रताड़ित करना, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और अन्य घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
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नक्सलियों ने कहा था- मुठभेड़ हुई, वहां उनका ग्रुप नहीं था
नक्सल कमेटी की सचिव गंगा की ओर से जारी किए गए इस प्रेस नोट में कहा गया है कि, जहां पुलिस ने मुठभेड़ की बात की वहां कोई दलम (नक्सली ग्रुप) नहीं था। जवानों ने घर से उठाकर हत्या की है। हालांकि मारे गए दोनों लोगों को नक्सलियों ने अपने संगठन का सदस्य बताया है, लेकिन यह भी कहा है कि वे एक महीने पहले चले गए थे और गांव में सामान्य जीवन जी रहे थे। नक्सलियों ने मानवाधिकार संगठनों से घटनास्थल का दौरा करने की भी मांग की है। बस्तर में हर कोई साधारण जिंदगी नहीं जी सकता।
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डीआरजी जवानों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मारा था
दरअसल, सुकमा के भेज्जी इलाके में सोमवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस मुठभेड़ हुई थी। इसमें बताया गया था कि डीआरजी जवानों के साथ हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। इनमें आठ लाख का इनामी गोलापल्ली एलओएस कमांडर मुडकम एर्रा और एलओएस सदस्य भीमे शामिल हैं। जवानों ने मौके से 303, भरमान बंदूक और विस्फोटक मिलने की भी बात कही थी। एसपी सुनील शर्मा खुद पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। इस मुठभेड़ में चार-पांच नक्सलियों के घायल होने का भी दावा किया गया था।