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छत्तीसगढ़: बीजापुर के पोटाकेबिन की एक और छात्रा की हुई मौत, मेकाज पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
Thu, 12 Dec 2024 11:47 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:47 AM IST
सार
बीजापुर जिले के नैमेड़ में संचालित होने वाले पोटाकेबिन छात्रावास में पढ़ने वाली एक 15 वर्षीय छात्रा की उपचार से पहले मौत हो गई। जिसके बाद गुरुवार की सुबह उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौप दिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
बीजापुर जिले के नैमेड़ में संचालित होने वाले पोटाकेबिन छात्रावास में पढ़ने वाली एक 15 वर्षीय छात्रा की उपचार से पहले मौत हो गई। जिसके बाद गुरुवार की सुबह उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौप दिया गया।
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मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नैमेड़ में संचालित होने वाले पोटाकेबिन में पढ़ने वाली छात्रा विमला कवासी 15 वर्ष दुगेली थाना क्षेत्र के ग्राम तोयनार की निवासी है, वह पोटाकेबिन छात्रावास में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि विमला का अचानक से 24 नवंबर को स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे नैमेड़ के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। जहां स्वास्थ्य में सुधार होने के कारण उसे वापस छात्रावास लाया गया। 28 नवंबर को दोबारा स्वास्थ्य खराब होने के कारण वापस उसे नैमेड़ ले जाया गया, वहां से उसे बेहतर उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल भेजा गया। जहां से स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण 11 दिसंबर को विमला को बेहतर उपचार के लिए बीजापुर से जगदलपुर मेडिकल कॉलेज 108 के माध्यम से रेफर किया गया। लेकिन मेकाज पहुंचने से पहले ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। विमला की मौत की खबर परिजनों को दी गई। जिसके बाद परिजन मेकाज पहुंचे, गुरुवार को छात्रा का पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
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माता रुक्मिणी आश्रम की छात्रा की हो चुकी है मौत
बीजापुर जिले में ही संचालित होने वाले माता रुक्मिणी आश्रम के 35 बच्चे बीमार हो गए थे, जिसमें से एक बच्ची शिवानी तेलाम को बेहतर उपचार के लिए मेकाज भेजा जा रहा था, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई, जबकि 4 बच्चों को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया है।
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