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माहवारी स्वच्छता दिवस: बस्तर में रेड फ्लावर अभियान, हाथों में लाल फूल लेकर भ्रांतियां दूर करने की ली शपथ

Mon, 29 May 2023 03:55 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Mon, 29 May 2023 03:55 PM IST
सार

संस्था की प्रमुख रीखा पारेया ने कहा कि, उन्होंने एक रिपोर्ट में पढ़ा था कि, बस्तर संभाग में मासिक धर्म के दौरान मात्र 30 प्रतिशत महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं। वहीं 10% युवतियों का मानना है कि मासिक धर्म एक बीमारी है। 

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Red flower campaign started on menstrual hygiene day in jagdalpur
बस्तर में शुरू किया गया रेड फ्लावर अभियान। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में माहवारी स्वच्छता दिवस पर लड़कियों, खासकर किशोरियों को जागरूक करने के लिए अभियान की शुरुआत की गई है। जिस तरह से माहवरी को लेकर पूरी दुनिया में रेड डॉट अभियान चलाया जा रहा है, वैसे ही चेतना चाइल्ड एंड वूमेन वेलफेयर सोसायटी ने रेड फ्लावर अभियान शुरू किया है। इसके तहत गांव माड़पाल, नक्तिसेमारा, ऊपनपाल, बस्तर, आडावल में 500 किशोरियों और महिलाओं को माहवरी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की शपथ दिलाई गई है। 

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संस्था की ओर से बताया गया कि, रेड फ्लॉवर अभियान के पीछे की कहानी यह है की लाल रंग महिलाओ और किशोरियों को बहुत प्रिय होता है। जैसे लाल रंग की बिंदी, लाल चूड़ी, लाल लिपस्टिक, लाल वस्त्र, लाल सिंदूर, इससे महिलाएं खुद को संवारती हैं। जब सब लाल रंग किशोरी-महिलाओं को पसंद है, तो माहवारी के लाल रंग से इतनी झिझक क्यों। इसी को देखते हुए बस्तर के सात ब्लॉक में लाल फूल को हाथों में लेकर लड़कियों और महिलाओं ने भ्रांतियों को दूर करने की शपथ ली है। 
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संस्था की प्रमुख रीखा पारेया ने कहा कि, उन्होंने एक रिपोर्ट में पढ़ा था कि, बस्तर संभाग में मासिक धर्म के दौरान मात्र 30 प्रतिशत महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं। वहीं 10% युवतियों का मानना है कि मासिक धर्म एक बीमारी है। ऐसे में मेरी जिम्मेदारी बनती है कि बाकी के 70% प्रतिशत जो कपड़े का इस्तेमाल करती होंगी, उन्हें माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन पर सेनेटरी नैपकिन के उपयोग के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए। मासिक धर्म को बीमारी ना मानते हुए इन्हें बताएं कि, प्रकृति का यह वरदान है। 

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