{"_id":"6658a8382007e0af49070b48","slug":"person-cheated-lakhs-rupees-in-name-of-getting-a-job-in-jagdalpur-2024-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"'मैं मंत्रालय में अधिकारी हूं': नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, कार-मोबाइल समेत कई सामान जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'मैं मंत्रालय में अधिकारी हूं': नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, कार-मोबाइल समेत कई सामान जब्त
Thu, 30 May 2024 09:54 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 30 May 2024 09:54 PM IST
सार
मंत्रालय का अधिकारी बताने वाले एक शख्स ने नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की है। 11 लाख 39 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है।
विज्ञापन
नौकरी के नाम पर ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर में रहने वाले एक युवक ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है। अपने आप को मंत्रालय का अधिकारी बताता था। बस्तर के चार बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। जिसके बाद बेरोजगारों ने मामले की शिकायत की और कोतवाली पुलिस ने आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि प्रार्थिया कुमारी सेवंती कश्यप ने अपने साथी पंकज पाण्डे, तेजबहादुर दीवान तीनों ने आशा लता कुर्रे के माध्यम से कमल सोनवानी निवासी बिलासपुर से परिचय हुआ। कमल सोनवानी ने सेवती व अन्य लोगों को बताया कि वह मंत्रालय नवापारा रायपुर का अधिकारी है, इसके अलावा सभी को स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ, सहायक मार्शल के पद के साथ ही बस्तर फाइटर में नौकरी लगाने का झांसा देकर तीनों से 10 लाख 19 हजार रुपये फोनपे के माध्यम से लिए थे।
विज्ञापन
आशा लता कुर्रे को नियमित नर्सिंग की नौकरी लगवाने की बात कहते हुए 75000 रुपये फोनपे और नगदी 45000 रुपये करीब एक लाख 20 हजार रुपये ले लिए। पैसे मिलने के बाद कमल सोनवानी ने नौकरी नहीं लगवाई। साथ ही पैसे मांगने पर वापस देने से भी इनकार कर दिया।
विज्ञापन
सभी से 11 लाख 39 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। प्रार्थिया के रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली में धारा 420 का मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को बिलासपुर से पता तलाश कर हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर कमल ने बताया कि कुमारी सेवंती कश्यप, पंकज पाण्डे, तेजबहादुर दीवान और आशा लता कुर्रे से नौकरी लगाने के लिये 11 लाख 39 हजार लिए थे। नौकरी नहीं लगाने और उनके पैसो से एक ब्रेजा कार छह लाख रुपये देकर फायनेंस करवाई थी। एक लाख रुपये का मोबाइल भी लिया था।
आरोपी के पास से एक कार, दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप जब्त किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी जिला बिलासपुर सिविल लाइन, मस्तुरी और जिला शक्ति के कोतवाली थाना में छह धोखाधडी के मामले दर्ज हैं।