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जगदलपुर मेडिकल कॉलेज: स्टाफ को दो माह से वेतन नहीं, बोले- कैसे चले खर्च, प्रबंधन जवाब तक नहीं दे रहा

Thu, 08 Jun 2023 04:57 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 08 Jun 2023 04:57 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. यूएस पैकरा ने बताया कि, इंटर्न आदि का पैसा जल्द ही मिल जाएगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट हो चुका है। जल्द ही वेतन का भुगतान होगा। 

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Jagdalpur Medical College Staff did not get salary for two months
जगदलपुर मेडिकल कॉलेज। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित मेडिकल कालेज के स्टाफ को दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इसमें जूनियर डॉक्टर से लेकर नर्स और आया तक 380 लोग शामिल हैं। स्टाफ का कहना है कि वेतन नहीं मिलने के कारण खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। मकान के किराये से लेकर राशन तक के लिए परेशान हैं। वेतन क्यों नहीं मिल रहा है, इस संबंध में भी स्पष्ट जवाब नहीं है। हर बार पूछने पर सॉफ्टवेयर में दिक्कत कहकर घुमाया जा रहा है। 

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वर्तमान में डीएमएफडी के तहत वार्ड बॉय, आया की संख्या करीब 98 है, जबकि स्टाफ नर्स 30 हैं। इनको अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं दिया गया है। कई स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, आया बाहर से आकर यहां किराए से रह रहे हैं।  इसके अलावा कई स्टाफ शहर से आना जाना करते हैं। ऐसे में उन्हें रोजाना करीब 50 रुपये पेट्रोल पर खर्च करना पड़ता है। स्टाफ का कहना है कि अब किराने की दुकान में जाने पर शर्म आती है। उन्हें पहले की ही उधारी नहीं दी। 
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वहीं मेकाज में कार्यरत इंटर्न, जेआर का कहना है की वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2018 के करीब 200 इंटर्न है, जबकि 50 से ऊपर जेआर है, जिन्हे दो माह से वेतन नहीं दिया गया है। ऐसे में अधिकतर इंटर्न को अपने घरों से पैसे मांगकर हॉस्टल मेस का किराया देना पड़ता है। डीन कार्यालय में मौजूद भुगतान शाखा से सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर दो माह से घुमाया जा रहा है। कई ऐसे भी इंटर्न है जो विदेश से पढ़ाई करके आने के बाद यहां अपनी सेवा दे रहे है,  जिन्हे अस्पताल परिसर में रूम तक नहीं दिया गया है। 
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पहले मांगा गया था अकाउंट नंबर
मेकाज के इंटर्न ने बताया की वेतन की बात को लेकर कई बार भुगतान शाखा भी गए, लेकिन वहां भी गोल-गोल जवाब दिया जा रहा है। ऑफिस के कर्मचारी भी सही नहीं बता रहे हैं। कुछ इंटर्न व जेआर ने बताया की सबसे पहले केवल अकाउंट नंबर ही मांगा गया था, लेकिन कॉलेज की ओर से एक फॉर्म दिया गया है। अकाउंट नंबर से लेकर कौन से बैक में खाता है, आधार कार्ड, या फिर पैन कार्ड आदि के साथ ही एकाउंट नंबर या पासबुक की फोटो कॉपी को जमा कराया जा रहा है। 

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