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Chhattisgarh: हमर लैब की जगह अब हाईटेक 'अटल आरोग्य लैब', गांव-गांव मिलेगी जांच सुविधा
Tue, 07 Apr 2026 01:37 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:37 PM IST
सार
राज्य सरकार अब मौजूदा 'हमर लैब' व्यवस्था को अपग्रेड कर हाईटेक 'अटल आरोग्य लैब' शुरू करने की तैयारी में है, जिससे मरीजों को जांच के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार अब मौजूदा 'हमर लैब' व्यवस्था को अपग्रेड कर हाईटेक 'अटल आरोग्य लैब' शुरू करने की तैयारी में है, जिससे मरीजों को जांच के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही जांच करा सकेंगे और रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर प्राप्त होगी। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी छोटी-छोटी जांचों के लिए जिला अस्पतालों तक जाना पड़ता है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर के साथ करार किया है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक सभी को एक नेटवर्क में जोड़ा जाएगा, जिससे जांच सेवाएं एकीकृत और तेज हो सकें।
फिलहाल जिला अस्पताल रायपुर की हमर लैब में करीब 120 तरह की जांचें होती हैं, जहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। नई योजना लागू होने के बाद यहां जांचों की संख्या बढ़कर 134 हो जाएगी। वहीं सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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इस सिस्टम को ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें बड़े अस्पताल हब के रूप में और छोटे स्वास्थ्य केंद्र सैंपल कलेक्शन पॉइंट के रूप में काम करेंगे। इसके जरिए प्रदेश के 1000 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
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नई व्यवस्था के तहत मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही जांच करा सकेंगे और रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर प्राप्त होगी। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी छोटी-छोटी जांचों के लिए जिला अस्पतालों तक जाना पड़ता है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर के साथ करार किया है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक सभी को एक नेटवर्क में जोड़ा जाएगा, जिससे जांच सेवाएं एकीकृत और तेज हो सकें।
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फिलहाल जिला अस्पताल रायपुर की हमर लैब में करीब 120 तरह की जांचें होती हैं, जहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। नई योजना लागू होने के बाद यहां जांचों की संख्या बढ़कर 134 हो जाएगी। वहीं सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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इस सिस्टम को ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें बड़े अस्पताल हब के रूप में और छोटे स्वास्थ्य केंद्र सैंपल कलेक्शन पॉइंट के रूप में काम करेंगे। इसके जरिए प्रदेश के 1000 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।