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कोई भी सरकारी स्कीम भ्रष्टाचार मुक्त नहीं
रायपुर/एजेंसी
Updated Mon, 27 Aug 2012 03:07 PM IST
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छत्तीसगढ़ के लोकायुक्त जस्टिस एलसी भादू ने कहा है कि देश में कोई भी सरकारी स्कीम भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में इंडस्ट्री, संसाधनों और तेजी से होते वित्तीय विकास के साथ ही भ्रष्टाचार भी बढ़ा है।
लोकायुक्त की यह टिप्पणी राज्य विधानसभा में पेश की गई छत्तीसगढ़ पब्लिक कमीशन की 9वीं वार्षिक रिपोर्ट का एक हिस्सा है। भादू ने कहा कि 2011 के दौरान केंद्र और राज्यों में आधिकारिक पोजिशन के दुरुपयोग और अनियमितताओं संबंधी कई मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन, कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन, खनन पट्टों की मंजूरी, भूमि अलॉटमेंट और मनरेगा को लागू करने में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। भादू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इन दिनों कोई भी सरकारी स्कीम भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है।
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उन्होंने कहा कि इस बुराई के खात्मे में लोकायुक्त जैसी भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसियां राज्यों में गठित की गई है लेकिन पर्याप्त संसाधनों और कर्मियों की कमी के चलते ये प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय अपनी आकांक्षाओं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा है।
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लोकायुक्त की यह टिप्पणी राज्य विधानसभा में पेश की गई छत्तीसगढ़ पब्लिक कमीशन की 9वीं वार्षिक रिपोर्ट का एक हिस्सा है। भादू ने कहा कि 2011 के दौरान केंद्र और राज्यों में आधिकारिक पोजिशन के दुरुपयोग और अनियमितताओं संबंधी कई मामले सामने आए हैं।
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उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन, कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन, खनन पट्टों की मंजूरी, भूमि अलॉटमेंट और मनरेगा को लागू करने में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। भादू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इन दिनों कोई भी सरकारी स्कीम भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है।
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उन्होंने कहा कि इस बुराई के खात्मे में लोकायुक्त जैसी भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसियां राज्यों में गठित की गई है लेकिन पर्याप्त संसाधनों और कर्मियों की कमी के चलते ये प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय अपनी आकांक्षाओं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा है।