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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Two cases involving friendships formed via social media—and the subsequent deepening of intimacy—have come to

सीजी: सोशल मीडिया की दोस्ती से बढ़ी नजदीकी, फिर पहुंचा मामला थाने तक, 10 दिन में नाबालिगों से जुड़े 2 केस दर्ज

Thu, 17 Sep 2026 12:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 17 Sep 2026 12:39 PM IST
सार

सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों के बीच हुई दोस्ती और बढ़ती नजदीकी से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, करीब 10 दिनों के भीतर सामने आए दोनों प्रकरणों में आरोपी और पीड़ित नाबालिग हैं। दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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Two cases involving friendships formed via social media—and the subsequent deepening of intimacy—have come to
संबंधित थाना क्षेत्र का फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाले दो मामले गौरेला थाना क्षेत्र से सामने आए हैं। पिछले करीब 10 दिनों में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और उसके बाद बढ़ी नजदीकी से जुड़े दो अलग-अलग प्रकरण पुलिस तक पहुंचे हैं। दोनों मामलों में आरोपी और पीड़ित नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर बढ़ी नजदीकी
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में नाबालिगों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत और दोस्ती की शुरुआत हुई थी। बातचीत बढ़ने के साथ उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों मामले गंभीर आरोपों तक पहुंच गए। मामलों के सामने आने के बाद बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
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बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर जरूरी
लगातार बढ़ते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच कम उम्र में बच्चों का ऑनलाइन सक्रिय होना अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कई बार बच्चे सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों के संपर्क में आ जाते हैं। बातचीत के दौरान निजी जानकारी साझा करने से भी उनकी ऑनलाइन सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बच्चों को केवल मोबाइल से दूर रखने के बजाय उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में समझाना भी जरूरी है।
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पुलिस ने अभिभावकों को दी सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि वे सोशल मीडिया पर किस तरह के लोगों के संपर्क में हैं और किन गतिविधियों में शामिल हैं। बच्चों को अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती, निजी जानकारी साझा करने और संदिग्ध लिंक या संदेशों के संभावित खतरों के बारे में भी समझाने की सलाह दी गई है।

दोनों मामलों में FIR, नाबालिगों की पहचान गोपनीय
पुलिस के मुताबिक, गौरेला थाने में सामने आए दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच की जा रही है। चूंकि दोनों प्रकरणों में आरोपी और पीड़ित नाबालिग हैं, इसलिए कानूनी प्रावधानों के तहत उनकी पहचान और अन्य संवेदनशील जानकारी गोपनीय रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल
गौरेला में सामने आए इन मामलों ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर एक अहम सवाल खड़ा किया है। बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट उपलब्ध कराने के साथ उनकी डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन व्यवहार और सोशल मीडिया संपर्कों को लेकर अभिभावकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
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