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एक हजार से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान: गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, सीएम साय बोले- यह सबसे बड़ी जनसेवा

Wed, 23 Sep 2026 09:37 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Wed, 23 Sep 2026 09:37 PM IST
सार

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्तदाता से मिला रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है।
 

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Golden Book of World Records in Chhattisgarh, Over one thousand women donated blood
एक हजार से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्तदाता से मिला रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान एक हजार से अधिक महिलाओं ने रक्तदान किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल पेश की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
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1000 से अधिक महिलाओं ने की रक्तदान, बना विश्व रिकॉर्ड

रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है।

रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है।

'देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण'
सीएम ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 103 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है।


आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य विरासत
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। भगवान धन्वंतरि और चरक-सुश्रुत जैसे महान आचार्यों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वस्थ जीवन और चिकित्सा की जिस समृद्ध परंपरा को विकसित किया, वह आज भी मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आरोग्य मंदिर और वेलनेस सेंटर के माध्यम से उपचार के साथ-साथ रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।



प्रदेश में तेजी से मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना : श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित रक्तदान महाकुंभ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है और इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों का स्वेच्छा से आगे आना समाज में सेवा भावना की मजबूती को दर्शाता है।

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