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छत्तीसगढ़ में अब तक Eye Flu के 20 हजार से ज्यादा मरीज: CM भूपेश ने ली इमरजेंसी बैठक, रोकथाम के लिए दिए निर्देश

Fri, 28 Jul 2023 05:08 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Fri, 28 Jul 2023 05:08 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ में अब तक Eye Flu के 20 हजार से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। इसे लेकर प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में एक उच्चस्तरीय इमरजेंसी बैठक बुलाई। इसमें कंजेक्टिवाइटिस की रोकथाम के उपायों की गहन समीक्षा की गई।

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Eye Flu in Chhattisgarh: CM Bhupesh took a emergency meeting in raipur,  gave instructions for prevention
CM भूपेश ने ली इमरजेंसी बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ में अब तक Eye Flu के 20 हजार से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। इसे लेकर प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में एक उच्चस्तरीय इमरजेंसी बैठक बुलाई। इसमें कंजेक्टिवाइटिस की रोकथाम के उपायों की गहन समीक्षा की गई। सीएम ने इसे बचाव के लिए कर्मचारियों- अधिकारियों को अहम निर्देश जारी किए हैं। 

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सीएम ने कहा कि कंजेक्टिवाइटिस से बचने के उपायों और सावधानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने विशेषज्ञों की सलाह का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को यह बताया जाए हाथों को बिना साफ किए हाथ आंखों में ना लगाएं, जिससे संक्रमण ना हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में कंजेक्टिवाइटिस के मरीजों का प्राथमिकता के साथ इलाज किया जाए। ताकि उन्हें अस्पतालों में ज्यादा समय न रुकना पड़े। स्कूलों में भी यदि किसी बच्चे को कंजेक्टिवाइटिस होता है तो संक्रमण से बचने के लिए उन्हें घर भेज जाए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में कंजेक्टिवाइटिस के मरीजों की जांच और इलाज तथा दवाईयों की उपलब्धता की समीक्षा भी की।
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'व्यापक प्रचार-प्रसार किया'
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंजेक्टिवाइटिस की रोकथाम के उपायों का सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों को फ्री दवाइयां दी जा रही है। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बैठक में कहा कि पिछले सप्ताह कंजेक्टिवाइटिस के जो मरीज मिले थे, उनमें से अधिकांश स्वस्थ हो गये हैं। दुर्ग, रायपुर में ज्यादा मरीज मिले थे। उन्होंने कहा कि लोग मेडिकल स्टोर से स्वयं स्टेराइड दवाइयां लेकर आंखों में डाल रहे है, ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। 
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कंजेक्टिवाइटिस बिना डरे सावधानी बरतें 
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि कंजेक्टिवाइटिस से डरने की जरूरत नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक जांच और उपचार की व्यवस्था है। लोगों को निःशुल्क दवाइयां दी जा रही हैं। 

आई फ्लू के लक्षण

  • आंखों का लाल होना
  • सुबह उठने पर आंखों का चिपकना
  • आंखों में कीचड़ ज्यादा आना
  • आंखों में सूजन
  • आंख दर्द की समस्या
  • आंख से पानी आना और खुजली


सावधानी और बचाव के उपाय

  • अस्पतालों में यह ध्यान रखा जाए कि यदि संक्रमण है तो आपरेशन नहीं किया जाए। 
  • सामान्यतः यह बीमारी 3 दिन में ठीक हो जाती है। यदि ठीक नहीं होती, आंखों में तकलीफ रहती है या दृष्टि में धुंधलापन आता है तो नेत्र विशेषज्ञ को तुरंत दिखाएं।
  • लोग हाथ मिलाने से बचें 
  • बिना हाथ साफ किए हाथ आंखों में ना लगाएं।
  • लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 
  • हॉट और कोल्ड कंप्रेस से भी इस समस्या में आराम मिलता है। 
  • बाहर निकलते समय काला चश्मा लगाने लगाएं या सनग्लास लगाएं।
  • आई फ्लू का खतरा बरसात में ज्यादा रहता है। इसलिए साफ-सफाई पर ध्यान दें।
  • नियमित रूप से हाथ को साबुन से धोते रहे।
  • गंदे हाथ से आंखों को छूने से बचें।
  • कपड़े, तौलिया, टूथब्रश और मेकअप की चीजों को दूसरे के साथ शेयर न करें। 
  • संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दरवाजों के हैंडल, या किसी भी सतह को छूने से बचें। 


खुद से ही न ले कोई दवा
यदि आपमें आई फ्लू के लक्षण दिखे रहे हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से संपर्क करके इलाज कराएं। खुद से ही या ओवर द काउंटर दवाओं या आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें, इससे जोखिम बढ़ सकता है। आंखों में होने वाली कई अन्य समस्याओं में भी आई फ्लू की तरह के ही लक्षण हो सकते हैं, इसलिए लक्षणों के सही कारण को जानना और उसका इलाज कराना आवश्यक हो जाता है। 

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