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राजद्रोह में दो कांस्टेबल हिरासत में: इस्तीफा देने जा रहे थे रायपुर, भिलाई पुलिस ने पकड़ा; अफसर बोले- फरार थे

Thu, 23 Mar 2023 05:43 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिलाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिलाई Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 23 Mar 2023 05:43 PM IST
सार

शहर एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि दोनों आरक्षको को हिरासत में लिया गया है। दोनों के खिलाफ बीजापुर पुलिस ने दुर्ग पुलिस से संपर्क किया था। दोनों आरोपी बीजापुर और सुकमा में दर्ज राजद्रोह के मामले का फरार थे। दोनों को बीजापुर पुलिस को सौपा जाएगा। जहां तक उनकी मांग की बात है तो विभाग का कोई भी जवान यदि अनुशासन तोड़कर कोई मांग मंगवाता है तो वह अनुचित है।

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chhattisgarh Police detained two constables on charges of sedition in bhilai
दोनों सिपाहियों को भिलाई पुलिस ने हिरासत में लिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ पुलिस के दो कांस्टेबलों को भिलाई में हिरासत में ले लिया गया है। दोनों पर राजद्रोह का आरोप है। निलंबित किए जाने के बाद दोनों कांस्टेबल इस्तीफा देने पैदल ही रायपुर के लिए निकले थे। इस बीच रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ बीजापुर और सुकमा थाने में मामला दर्ज है। वहां से पुलिसकर्मी आने के बाद दोनों को उन्हें सौंप दिया जाएगा। दोनों कांस्टेबल ने अधिकारियों पर जवानों के शोषण का आरोप लगाया है। वहीं अफसरों का कहना है कि दोनों फरार थे। 

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जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल संजीव मिश्रा सीआईडी रायपुर और उज्ज्वल दीवान धमतरी में पदस्थ थे। जहां से उनके निलंबन की कार्यवाही की गई है। बीजापुर और सुकमा में दोनों आरक्षको पर ड्यूटी के दौरान शासन के विरुद्ध उकसाने और भटकाने का मामला दर्ज किया गया है। इसके चलते दोनों कांस्टेबल गुरुवार को पुलिस विभाग से त्यागपत्र देने के लिए रायपुर पैदल निकले थे। दोनों ने अपने साथ विभागीय किट पेटी भी साथ ले रखी थी। इससे पहले ही भिलाई पुलिस ने जानकारी मिलने पर उन्हें हिरासत में ले लिया। 
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निलंबित पुलिस कांस्टेबल संजीव मिश्रा ने बताया कि पुलिस विभाग में कार्यरत आरक्षक, सहायक आरक्षक को सम्मानजनक वेतन, आवास, अवकाश और आठ घंटे ड्यूटी जैसे 45 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग शासन से की गई थी। इसके लिए शासन ने जो कमेटी बनाई है, वह सवा साल बाद भी कोई निर्णय नहीं ले पाई है। जिसको लेकर उनकी ओर से संघर्ष किया जा रहा है। आरोप लगाया कि इसके चलते उनके ऊपर झूठे मुकदमें दर्ज किए गए हैं। 

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