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फाइनेंस के नाम पर फ्रॉड: लोन पर सामान दिलाते, फिर उसी दस्तावेज से अन्य सामान लेकर दूसरे राज्यों में बेच देते
Sat, 25 Mar 2023 08:31 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sat, 25 Mar 2023 08:31 PM IST
सार
पुलिस ने शिव कुमार की निशानदेही पर दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फाइनेंस कराकर सामान दूसरे राज्यों में बेच देते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एक ही सैलरी स्लिप से कई वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान कैसे फाइनेंस कराया गया।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में फाइनेंस के नाम पर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह का शनिवार को भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी घरेलू सामानों को लोन पर दिलाने के नाम पर दस्तावेज लेते थे। फिर उन्हीं दस्तावेजों से दूसरे सामान फाइनेंस कराकर अन्य राज्यों में लोगों को बेच देते। पुलिस ने आरोपियों से 10 कार, एक बुलेट, एक वाशिंग मशीन सहित दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि खुर्सीपार निवासी हेमंत कुमार को अपनी बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की जरूरत थी। ऐसे में उसने अपने एक परिचित शिवकुमार को बताया। हेमंत को शिवकुमार रायपुर लेकर गया और श्रीनिवास और योगेश सोनवानी से मिलवाया। आरोपियों ने हेमंत को कहा कि बुलेट फाइनेंस कराकर बेच देते हैं। इससे जो रुपये मिलेंगे, उसमें उसे भी देंगे। उनकी बातों में आकर हेमंत ने आरोपियों को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासबुक और तीन चेक साइन कर दे दिया।
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कुछ दिन बाद फिर हेमंत को शिव कुमार और श्रीनिवास रायपुर ले गए और योगेश सोनवानी से मिलवाया। हेमंत को कहा कि, उसके नाम से महेंद्रा की एक्स यूवी खरीद लेते हैं। इसकी किश्त वे भरेंगे और डाउनपेमेंट भी वहीं देंगे। गाड़ी किराये पर लगा देंगे और उससे होने वाली आमदनी में हेमंत भी हिस्सेदार होगा। झांसे में आकर हेमंत ने उन्हें दस्तावेज दे दिए। फिर योगेश सोनवानी ने हेमंत से एग्रीमेंट में साइन कराकर अपने पास रख लिए। बदले में हेमंत को 22 हजार रुपये देकर उसका विश्वास भी जीत लिया।
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इसके बाद आरोपी शिव कुमार और श्रीनिवास फिर हेमंत के घर पहुंचे। कहा कि वॉशिंग मशीन दिलवा दो। उसका पैसा वही लोग देगे। फिर हेमंत को ले जाकर वॉशिंग मशीन फाइनेंस करा ली। कुछ महीने तक किश्त नहीं दी तो हेमंत के पास अलग-अलग बैंकों से नोटिस आने लगे। इसके बाद बैंक से कर्मचारी भी उसके घर पहुंचे। इस पर हेमंत घबरा गया और भिलाई-3 थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने इसकी जानकारी अफसरों को दी और मामले की जांच शुरू की गई। आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गईं।
इस बीच पुलिस को शिव कुमार के उसके खुर्सीपार स्थित घर में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी भिलाई-3 निवासी पी. श्रीनिवास और अभनपुर निवासी योगेश सोनवानी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने शिव कुमार की निशानदेही पर दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फाइनेंस कराकर सामान दूसरे राज्यों में बेच देते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एक ही सैलरी स्लिप से कई वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान कैसे फाइनेंस कराया गया।