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Rajnandgaon : शिवनाथ तट पर आस्था का सैलाब, कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, किया दीपदान
Tue, 08 Nov 2022 02:26 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजनांदगांव
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 08 Nov 2022 02:26 PM IST
सार
लोगों का उत्साह इस मेले में देखते ही बन रहा है। सैकड़ों की संख्या में मेले में लोग पहुंचे हैं। इस बार मेले में लोग जल संरक्षण और संवर्धन की बात भी अब करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जल है तो कल है जल भी बचाना जरूरी है। छत्तीसगढ़ में इसके बाद मेला मातरम मड़ाई की शुरुआत हो जाती है।
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राजनांदगांव में कार्तिक पूर्णिमा पर शिवनाथ नदी में स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में शिवनाथ नदी के तट पर मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगे पुन्नी मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान और ध्यान किया। तट पर पूजन-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मनोकामना पूर्ति के लिए वर मांगा। इस दौरान न सिर्फ शहर और गांव से बल्कि आसपास से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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शिवनाथ नदी के तट पर पुन्नी मेले का आयोजन मोहारा के पास होता है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस मेले में शामिल होने और शिवनाथ नदी में आस्था का स्नान करने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। तट पर भव्य मेले का आयोजन किया गया है। लोगों ने पुन्नी यानी पुण्य स्नान कर दीपदान किया। इस बार मोहारा में यह मेला तीन दिन 9 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
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लोगों का उत्साह इस मेले में देखते ही बन रहा है। सैकड़ों की संख्या में मेले में लोग पहुंचे हैं। इस बार मेले में लोग जल संरक्षण और संवर्धन की बात भी अब करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जल है तो कल है जल भी बचाना जरूरी है। छत्तीसगढ़ में इसके बाद मेला मातरम मड़ाई की शुरुआत हो जाती है। पुन्नी स्नान का आज के दिन विशेष महत्व है। नदी तालाब में आज के दिन स्नान करते हैं और दीपदान करते हैं।
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