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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Dantewada: '30,000 quintals rice wasted in warehouse'; Tulika karma says government failed to save the rice

दंतेवाड़ा: 'गीदम वेयरहाउस में 30 हजार क्विंटल चावल बर्बाद'; तुलिका बोलीं- चावल बचाने में सरकार नाकाम

Tue, 06 Jan 2026 07:26 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला नेटवर्क, दंतेवाड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, दंतेवाड़ा Published by: ललित कुमार सिंह Updated Tue, 06 Jan 2026 07:26 PM IST
सार

Dantewada News: दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में लगभग 30 हजार क्विंटल चावल सड़ने के गंभीर मामले ने जिले में हलचल मचा दी है।

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Dantewada: '30,000 quintals rice wasted in warehouse'; Tulika karma says government failed to save the rice
जिला पंचायत सदस्य तुलिका कर्मा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

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Dantewada News: दंतेवाड़ा जिले के गीदम स्थित वेयरहाउस में लगभग 30 हजार क्विंटल चावल सड़ने के गंभीर मामले ने जिले में हलचल मचा दी है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला पंचायत सदस्य तुलिका कर्मा ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे शासन की लापरवाही, भ्रष्ट कार्यप्रणाली और आदिवासी विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण बताया।

 

तुलिका ने कहा कि यह वही चावल है, जो गरीबों और आदिवासियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाना था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते गोदामों में पड़ा-पड़ा सड़ गया। इस कारण शासन को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और शासन-प्रशासन की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने के बजाय सिर्फ वसूली और कागजी औपचारिकताओं में व्यस्त रहे, जबकि वेयरहाउस में रखा अनाज खराब होता चला गया।

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'छत्तीसगढ़ में जंगलराज जैसी स्थिति'
उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन बेचने में सरकार जितनी तत्परता और तेजी दिखाती है, अगर उतनी ही तत्परता चावल की देखरेख, भंडारण और समय पर वितरण में दिखाई जाती तो इतना बड़ा घोटाला और नुकसान नहीं होता। जब मुख्यमंत्री से इस तरह के गंभीर और जनहित से जुड़े सवाल किए जाते हैं, तो वे जवाब देने से बचते नजर आते हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में जंगलराज जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां न तो अधिकारियों में जवाबदेही का डर है और न ही सरकार में जिम्मेदारी तय करने की इच्छाशक्ति दिखाई देती है।

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'किसी भी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं'
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही और करोड़ों के नुकसान के बावजूद आज दिनांक तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार और प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि इस पूरे मामले में दोषियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। तुलिका कर्मा ने मांग की कि गीदम वेयरहाउस में सड़े चावल के पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों, वेयरहाउस प्रबंधन और संबंधित विभागीय जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो वे इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाकर आदिवासियों के हक और सम्मान की लड़ाई और भी तेज करेंगी।

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