Congress Plenary Session: रायपुर अधिवेशन की सफलता पर टिका भूपेश बघेल का दांव, सीएम की कुर्सी कितनी हुई निकट
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विस्तार
कांग्रेस पार्टी का 85वां राष्ट्रीय अधिवेशन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुरू हो गया है। तीन दिवसीय इस अधिवेशन में पार्टी आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगी। यह अधिवेशन पार्टी की दशा और दिशा भी तय करेगा। अधिवेशन में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर तक पहुंचेंगे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी में विधानसभा चुनाव से महज छह माह पहले हो रहा यह महाअधिवेशन सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है। आगामी चुनाव को देखते हुए सीएम बघेल के पास कांग्रेस हाईकमान के सामने अपना सियासी कद बढ़ाने का यह अच्छा मौका है। इसलिए सीएम ने शुरू से ही इस अधिवेशन के हर छोटे-बड़े आयोजनों की कमान अपने हाथों में ले रखी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ साथ वे भी लगातार अधिवेशन की तैयारियों में जुटे रहे हैं। हर दो से तीन दिनों के अंतराल में अधिवेशन स्थल पर पहुंच कर तैयारियों की समीक्षा भी करते रहे। वहीं उन्होंने अपनी विश्वस्त कोर टीम के सदस्यों को भी पार्टी नेताओं की मेहमान नवाजी में लगा रखा है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस से जुड़े नेता अमर उजाला से चर्चा में कहते हैं कि पूरे प्रदेश में बघेल ने एक लो प्रोफाइल सीएम की छवि बनाई है। उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को केंद्र की सरकार ने भी सराहा है। जबकि पिछले साल से ही वे प्रदेश के हर विधानसभा का चुनावी दौरा कर फीडबैक ले रहे हैं। जहां कमी होती है वहां वे संगठन को दुरुस्त करने की हिदायत भी देते हैं। प्रदेश में चाहे उपचुनाव हों या फिर पंचायत स्तर का चुनाव वे सभी में एक्टिव होते हैं। ऐसे में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से यह मौका बघेल के लिए बेहद अहम है। कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद प्रदेश में मिशन-2023 के चुनावी बिगुल का आगाज कर सकती है। ऐसे में सीएम बघेल 2023 में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर अपनी मुहर लगवा सकते हैं, क्योंकि टीएस सिंहदेव जैसे दिग्गज कांग्रेस नेताओं से लगातार उन्हें चुनौती मिलती रही है।
विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए अधिवेशन अहम
आगामी लोकसभा और इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर ये अधिवेशन अहम माना जा रहा है। सबसे पहले तो जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनमें दो राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। पार्टी इन दोनों राज्यों में वापसी के अलावा बाकी राज्यों में कांग्रेस की स्थिति को बेहतर करने की रणनीति पर बैठक में चर्चा कर सकती है। उत्तर प्रदेश में जिस तरह कांग्रेस पार्टी में महिलाओं को अधिकांश सीटों पर उतारने जैसा फैसला किया था, इसी तरह कांग्रेस अधिवेशन में नई रणनीति पर फैसला ले सकती है। इसके अलावा 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की रणनीति क्या होगी इसपर भी इस अधिवेशन में चर्चा हो सकती है।