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'चुनाव तक देखिए क्या-क्या होता है': माथुर के बयान पर सीएम का पलटवार, कहा- ईडी के बल पर चुनाव लड़ेगी बीजेपी

Sun, 27 Aug 2023 03:50 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sun, 27 Aug 2023 03:50 PM IST
सार

सीएम भूपेश बघेल ने रायपुर पुलिस लाइन हेलीपैड पर मीडिया से चर्चा में कहा कि कल सरगुजा में भाजपा के प्रभारी ओम माथुर ने ईडी की कार्रवाई पर कहा “अभी चुनाव आते तक देखिए क्या-क्या होता है”।

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CM bhupesh baghel reaction on om Mathur statement for ED action in CG
सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सीएम भूपेश बघेल ने रायपुर पुलिस लाइन हेलीपैड पर मीडिया से चर्चा में कहा कि कल सरगुजा में भाजपा के प्रभारी ओम माथुर ने ईडी की कार्रवाई पर कहा “अभी चुनाव आते तक देखिए क्या-क्या होता है”। भाजपा प्रभारी का यह बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि भाजपा ईडी के बलबूते चुनाव लड़ेगी? ईडी की कार्रवाई चुनाव को देखकर हो रही है। एक विभाग में गड़बड़ी नहीं पकड़ पाते दूसरे में लग जाते हैं। कोल, आबकारी, माइनिंग डीएमएफ चावल अब सुना है। जल जीवन मिशन बिना किसी ठोस आधार के राज्य सरकार के सभी विभागों पर कार्यवाही यह साबित करने के लिए छत्तीसगढ़ में हर जगह गड़बड़ी हैं यह चुनावी हथियार है इसको हम जनता के बीच लेकर जाएंगे।
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छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में ईडी और आईटी अधिकारियों ने 200 से भी अधिक व्यक्तियों/संस्थाओं और शासकीय कार्यालयों में छापेमारी की गई है। ईडी के अधिकारियों ने दमन और प्रताड़ना को हथियार बनाकर बिना चल-अचल संपत्ति की रिकवरी के झूठे ब्यानों के आधार पर सैकड़ों करोड़ के कथित कोयला घोटाला, शराब घोटाला, चावल घोटाला तथा अब महादेव एप्स घोटाला होने का दुष्प्रचार किया जा रहा है ।
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लोकतंत्र के लिये खतरा बनी ईडी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनी लांड्रिंग के कानून में इस तरह से बदलाव किए हैं, जिससे ईडी अधिकारियों को असीमित अधिकार मिल गए हैं। ईडी जिसको चाहे सिर्फ आरोपों के आधार पर गिरफ्तार कर सकती है। उस पर भी विडंबना यह है कि मनी लांड्रिंग के कानून अंतर्गत गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत मिलने के प्रावधान भी एक तरह से समाप्त कर दिये गए हैं। ईडी अधिकारी बिना किसी कारण बताये कोई भी संपत्ति अटैच कर सकते हैं। उसके बाद वर्षों तक उसके छूटने की कोई संभावना भी नहीं रहती।
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उन्होंने कहा कि ईडी अधिकारियों के लिये यह भी बायें हाथ का खेल है कि किसी भी गवाह से उसे जेल भेजने की धमकी देकर मनचाहा ब्यान लिखवा लिया जाता है। ईडी अधिकारियों के समक्ष हुए ब्यान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने हुये ब्यानों जितनी ही अहमियत है। गवाह को यह कह कर धमकाया जाता है कि वह या तो ईडी अधिकारियों के तैयार किये गये बयान या झूठी कहानी की पुष्टि अपने ब्यान में करें अन्यथा उसे जेल भेज दिया जाएगा, जहां उसे जिंदगी भर जेल में सड़ना पड़ेगा। गवाहों की क्रूर पिटाई, उनसे गाली गलौज ईडी  अधिकारियों के लिये सामान्य बात है। गवाह यदि ईडी अधिकारियों का कहना नहीं मानते तो उसके परिवार जनों को अरेस्ट करने की धमकी देकर मनचाहा बयान लिखवा लिया जाता है। उन्हें रात-रात भर ईडी कार्यालय में रखकर भयभीत एवं प्रताड़ित किया जाता है। ईडी अधिकारी जिसे चाहे गवाह बना सकते हैं। किसी को भी अभियुक्त। 

कांग्रेस ने बीजेपी पर उठाए सवाल- 

महादेव ऐप घोटाला : महादेव एप और अन्य अनेक ऑनलाइन गेमिंग ऐप पूरे देश में चल रहे हैं। भाजपा शासित राज्य मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ईडी की ओर से क्यों कार्रवाई नहीं की जा रही है। जब छत्तीसगढ़ में आंध्र प्रदेश की एफआईआर के आधार पर कार्रवाई हो रही है तो देश के किसी भी राज्य में किसी एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार के विशेष प्रयासों के कारण ही महादेव एप्स से संबंधित अनेक दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सैकड़ों करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया गया। महादेव एप्स घोटाले में भाजपा के अनेक शक्तिशाली व्यक्ति शामिल है। ईडी ने भाजपाइयों को बचाने के षड्यंत्र की आड़ में मेरे निकट सहयोगियों एवं घोटाले का पर्दाफाश करने वाले पुलिस अधिकारियों को फंसाने का षड्यंत्र किया जा रहा है।

शौचालय घोटाला: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य कार्यक्रम-5 में यह जानकारी दी गयी है। कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 73.5 प्रतिशत लोगों के पास शौचालय है। रमन सिंह के कार्यकाल में ही पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित किया जा चुका था। जिसका अर्थ यह है कि राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के शत प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय की सुविधा हो चुकी है। एक अनुमान के अनुसार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की संख्या लगभग 50 लाख है। उनमें से 26.5 प्रतिशत लोगों के पास शौचालय नहीं है। (NHFS-5 के अनुसार) 50 लाख का 26.5 प्रतिशत का अर्थ है कि लगभग 13 लाख परिवारों के पास शौचालय नहीं है। एक शौचालय की लागत 12,500 है। इसका अर्थ यह है कि लगभग 1500 करोड़ के शौचालय सिर्फ कागजों पर बने हैं और पूरी राशि को भाजपाइयों ने बन्दरबांट कर ली है क्योंकि NHFS-5 भारत सरकार की ओर से ही कराया जाता है। इसकी ईडी जांच होना चाहिए।

नान घोटाला : नान घोटाले में सीएम सर और सीएम मैडम को समय-समय पर बड़ी राशि रिश्वत की राशि में से प्राप्त होने के अनेक दस्तावेज उपलब्ध हैं। वे दस्तावेज भी रमन सिंह के कार्यकाल में हुई जांच में बरामद हुये हैं। रमन सिंह एवं उसके परिवार की संपत्तियां 2008 से 2018 के बीच 18 गुना बढ़ने की जानकारी स्वयं रमन सिंह एवं अभिषेक सिंह ने दी है। ईडी को फिर से प्रकरण की जांच के लिए ज्ञापन सौंपा जाना चाहिये।

चिटफण्ड घोटाला : रमन सरकार के कार्यकाल में रमन सिंह, उनके मंत्रियों एवं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण एवं उनकी भागीदारी में राज्य के लाखों गरीब परिवारों की जिंदगी भर की खून-पसीने की कमाई को सैकड़ों करोड़ की राशि चिटफंड कंपनियों ने लूटी थी। रमन सिंह के संरक्षण के कारण ही चिटफंड कंपनियां राज्य वासियों को लूट कर आसानी से राज्य से फरार हो गयीं। इसकी जांच ईडी क्यों नहीं कर रही।

रतनजोत घोटाला : रमन सरकार के कार्यकाल में रतनजोत प्लान्टेशन के नाम पर सैकड़ों करोड़ खर्च किये गये थे। नारा दिया गया था कि अब डीजल गाड़ी से नहीं बल्कि बाड़ी से मिलेगा। उन पेड़ों से नाम मात्र का ही डीजल प्राप्त हुआ था। रतनजोत का कोई वृक्ष जीवित नहीं है। बड़ा घोटाला हुआ है। किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।

उज्जवला : NHFS-5 के अनुसार छत्तीसगढ़ के मात्र 19.5 प्रतिशत परिवारों के पास उन्नत कुकिंग गैस सुविधा है। जिसमें बायोगैस के चूल्हे भी शामिल हैं। 19.5 प्रतिशत परिवारों में से अनेक परिवार ऐसे हैं जिनके पास निजी कनेक्शन है तथा उज्जवला के हितग्राही नहीं है। उज्जवला हितग्राही भी सिलेंडर महंगा होने के कारण रिफिल नहीं करा पा रहे। योजना पूरी तरह से असफल है। सिर्फ पैसे की बर्बादी हुई है।


ईडी कार्यालय, रायपुर के सामने एक दिवसीय धरना देकर कांग्रेस मांग करेगी की ईडी उक्त सभी प्रकरणों में जांच करें या ईडी या भाजपाई यह स्वीकार कर लें की ईडी सिर्फ राजनीतिक आधार पर कांग्रेसियों के विरुद्ध और सरकार को बदनाम करने के के लिए काम कर रही है। 

 
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