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छत्तीसगढ़: तेंदुआ ने मालिक पर किया हमला, दो पालतू कुत्तों ने बहादुरी से लड़कर बचाई जान
Wed, 30 Mar 2022 02:00 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, धमतरी (छत्तीसगढ़)
पीटीआई, धमतरी (छत्तीसगढ़)
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 30 Mar 2022 02:00 AM IST
सार
धमतरी जिले के मगरलोड प्रखंड के अंतर्गत सिरकट्टा गांव निवासी शिवप्रसाद नेताम (65) ने बताया कि जब तेंदुए ने उन पर हमला किया तब उनके पालतू कुत्ते, जिसका नाम भूरू और काबरू है, ने जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया और तेंदुए से भिड़ गए। कुत्ते की बहादुरी देख तेंदुआ पीछे हटने को मजबूर हो गया।
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तेंदुआ। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुत्तों को अक्सर आदमी का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है और यह कहावत एक बार फिर सही साबित हुई है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के जंगल में एक तेंदुए ने जब 65 वर्षीय शख्स पर हमला किया, तो उसके दो पालतू कुत्तों ने तेंदुए से बहादुरी के साथ लड़कर अपने मालिक की जान बचाई।
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धमतरी जिले के मगरलोड प्रखंड के अंतर्गत सिरकट्टा गांव निवासी शिवप्रसाद नेताम (65) ने बताया कि "जब तेंदुए ने उन पर हमला किया तब उनके पालतू कुत्ते, जिसका नाम भूरू और काबरू है, ने जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया और तेंदुए से भिड़ गए। कुत्ते की बहादुरी देख तेंदुआ पीछे हटने को मजबूर हो गया।"
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अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सोमवार को उस समय हुई जब सिरकट्टा गांव निवासी नेताम अपने दो पालतू कुत्तों के साथ जंगल के पास अपने खेत से महुआ के फूल लेने गए थे। उन्होंने बताया कि तेंदुए के हमले से नेताम के सिर और पैर में चोटें आई हैं और उनका यहां के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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अस्पताल में पत्रकारों से बात करते हुए बुजुर्ग नेताम ने कहा कि "वह जमीन पर गिरे महुआ के फूलों को उठा रहे थे तभी पीछे से तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। जब मैं अपने आप को तेंदुए के पंजों से मुक्त करने के लिए संघर्ष कर रहा था, तभी मेरे पालतू कुत्ते अचानक मुझे बचाने के लिए कूद पड़े। दोनों कुत्तों ने एक साथ तेंदुए पर हमला किया और तेजी से भौंकना जारी रखा, जिससे जंगली जानवर (तेंदुआ) अपनी पकड़ ढीली कर जंगल में भाग गया।"
नेताम के परिजनों ने बताया कि तेंदुए के भागने के बाद नेताम कुत्तों के साथ घर पहुंचे तब परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए। बेहतर इलाज के लिए नेताम को धमतरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिवप्रसाद नेताम ने बताया कि वह हमेशा की तरह अपने खेत गए थे। पहली बार है कि क्षेत्र में तेंदुआ ने किसी ग्रामीण पर हमला किया है। नेताम ने अपने पालतू कुत्तों को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि वह नहीं होते तब वह तेंदुए का शिकार हो गए होते।