अजीत जोगी के कारण कांग्रेस 15 साल तक वनवास में रही, सरकार के लिए उनसे समझौता नहीं : टीएस सिंह देव

चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Sun, 25 Nov 2018 03:43 PM IST
विज्ञापन
टीएस सिंह देव
टीएस सिंह देव - फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजे घोषित होने से कुछ दिनों पहले राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी को बहुमत मिलने की पूरी संभावना है। लेकिन अगर सरकार बनाने के लिए अजीत जोगी के साथ समझौते की स्थिति आती है तो वह पूर्व मुख्यमंत्री के साथ हाथ मिलाने की बजाय राजनीति से अलग होना पसंद करेंगे। 
विज्ञापन

सिंह देव ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ‘15 साल के वनवास’ के लिए जोगी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि किसी भी सूरत में उनके साथ समझौता नहीं होना चाहिए। 
राज्य की निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का यह बयान उस वक्त आया है जब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सरकार के गठन में जोगी की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में, 12 और 18 नवंबर को मतदान संपन्न हुआ। 11 दिसंबर को नतीजे आएंगे।

सिंह देव ने ‘भाषा’ के साथ बातचीत में कहा, ‘‘हमें विश्चास है कि पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा और कम से कम 52 सीटें मिलेंगी। इस विश्चास के कुछ ठोस आधार हैं। पहली बात यह है कि हमने संगठन निर्माण के लिए कड़ी मेहनत की। फिर टिकट बांटने के समय भी कार्यकर्ताओं की राय ली गई थी। पार्टी का घोषणापत्र भी ऐसा बनाया गया जो सबको स्वीकार्य था।’’ 

यह पूछे जाने पर कि अगर खंडित जनादेश आता है तो क्या कांग्रेस जोगी का साथ लेगी, उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो हमें किसी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।... लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मेरा यह मानना है कि जिनके साथ हमारे बुनियादी मतभेद हैं और जिनके खिलाफ धारा 302 के तहत मामले चल रहे हैं उनके साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ऐसे समझौते की बजाय मैं राजनीति से अलग होना पसंद करूंगा।’’ 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंह देव ने कहा, ‘‘जोगी के साथ काम करना संभव नहीं है क्योंकि वह पूरी तरह से व्यक्तिवादी नेता रहे हैं। अगर उनका रुख सबको साथ लेकर चलने वाला होता तो राज्य में 2003 से आज तक कांग्रेस की ही सरकार होती। वह, दूसरों को अलग रखते थे और खुद अपने लोगों तक सीमित रहते थे। यही कारण है कि कांग्रेस 15 साल तक वनवास में रही।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्यमंत्री को लेकर भी जो फैसला करेंगे वह उन्हें स्वीकार होगा।

सिंह देव ने कहा, ‘‘राहुल गांधी कांग्रेस और छत्तीसगढ़ के हित में फैसला करेंगे। उनका जो भी निर्णय वह स्वीकार्य होगा।’’ 

कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि 10 दिनों के अंदर किसानों के कर्ज की माफी का वादा ही कांग्रेस की जीत में ‘तुरुप का पत्ता’ साबित होगा और नयी सरकार बनने के बाद सबसे पहले जिस फाइल पर दस्तखत होंगे, वह कर्जमाफी की फाइल होगी। (इनपुट:भाषा)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us