छत्तीसगढ़ः एक और घोटाले की बू, नमक के 70% सैंपल फेल
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छत्तीसगढ़ के नान( नागरिक आपूर्ति निगम) में हुए घोटाले के बाद यहां एक और घोटाले की बू आ रही है। पीडीएस के तहत हर माह बीपीएल परिवारों को दिए जाने वाले आयोडीन युक्त अमृत नमक के 70 प्रतिशत सैंपल फेल होने का मामला सामने आया है।
छत्तीसगढ मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक नान घोटाले की कार्रवाही के बाद एसीबी (एंटी क्रप्शन व्यूरो) की टीम ने प्रदेश भर से नमक के कुल 183 सैंपल एकत्र कर इनकी जांच करवाई। यह सैंपल ड्रग एंव फूड कंट्रोल अधिकारियों की मदद से लिए गए।
छत्तीसगढ़ की कालाबाड़ी लैब में जांच के बाद 183 में से 126 सैंपल फेल पाए गए। कुल 70 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए। अब एसीबी इस मामले में कार्रवाही की तैयारी में है। वहीं फूड एंव कट्रोल विभाग ने नमक के नमूनों के फेल होने की जानकारी न होने की बात कही है।
पहले भी फेल हुए सैंपल लेकिन नहीं हुई कार्रवाही
लोगों को देने से पहले हर बार नमक के नमूनों को की जांच की जाती है। पहले भी कई सैंपल फेल हुए हैं जिसकी रिपोर्ट नान (नागरिक आपूर्ति निगम) को दी गई लेकिन कोई कार्रवाही नहीं हुई। अब इस पर एसीबी ने इसको लेकर एक्शन लिया है।
हर साल करोड़ों होते हैं खर्च
छत्तीसगढ़ के बीपीएल परिवारों को कुपोषण से बचाने के लिए राज्य सरकार पीडीएस के तहत हर माह मुफ्त में दो किलो आयोडीन युक्त अमृत नमक देती है। सरकार की इस योजना पर सालाना करीब 90 करोड़ खर्च होते हैं।