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छत्तीसगढ़: आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों में 7 की मौत, सरकार से बातचीत विफल, महाआंदोलन की तैयारी

Fri, 01 Dec 2017 07:40 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Fri, 01 Dec 2017 07:40 PM IST
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Chhattisgarh seven teachers died during agitation state wide agitation planned in raipur
शिक्षा कर्मी
छत्तीसगढ़ में चल रहा शिक्षाकर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन 11वें दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। राज्य में अनुबंध पर काम कर रहे और शिक्षाकर्मी कहलाए जानेवाले एक लाख 80 हजार शिक्षक जिनकी मांग नौकरी को नियमित करने की थी, अब दो दिसंबर से प्रदेश की राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। सरकार के साथ चल रही बातचीत दूसरी बार भी बेनतीजा रही जिसके बाद आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों ने राजधानी में परिवार समेत महाआंदोलन करने का मन बना रहे हैं। 
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंत्रालय में शिक्षाकर्मियों के साथ चल रही बैठक खत्म हो गई है जिसके बाद रायपुर में होनेवाली प्रदेश स्तरीय बैठक का रास्ता साफ हो गया है। आंदोलन का अभी ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन ये आंदोलन पहले से प्रस्तावित है। इसे लेकर शिक्षाकर्मियों की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। 
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शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के दौरान दिल के दौरा पड़ने और सड़क दुर्घटनाओं के कारण सात शिक्षकों की मौत हो गई है, जिससे पूरे राज्य में 54,000 से ज्यादा स्कूलों का कामकाज बहुत ज्यादा प्रभावित हो गया। मृतकों में से चार को कथित तौर पर निलंबित, ट्रांस्फर या नियमित होने की अनिश्चितता के कारण दिल का दौरा पड़ने से मरे, जबकि तीन लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए जब वे आंदोलन के बाद घर लौट रहे थे। 
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शिक्षा कर्मियों को पंचायत निकाय मानदंड के आधार पर नियुक्त करते हैं और वे स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का एक बड़ा हिस्सा हैं। अनुबंध पर काम कर रहे ये शिक्षाकर्मी शिक्षकों के खाली पड़े पदों के लिए अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही इनकी मांग है कि समान कार्य के लिए समान वेतन मिले और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। 


राज्य सरकार इन शिक्षाकर्मियों को नियमित करने की किसी भी संभावना से इनकार कर चुकी है। अलबत्ता अब आंदोलनरत शिक्षकों की जगह पर नए शिक्षकों को नियुक्त करने के आदेश दे चुकी है। उम्मीद सिर्फ इतनी है कि सरकार ने आंदोलनकारी शिक्षकों को बातचीत के लिए बुलाया है और एक कमेटी बनाने की बात कही है। 

 
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